रायबरेली जेल में कैदी ने लगाई फांसी
दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में था बंदरायबरेली।
जिला कारागार निष्प्रयोज्य बैरक में बुधवार की रात बंदी ने फांसी लगा ली। देर शाम बंदियाें की गिनती के दौरान उसके गायब होने का पता चला तो खोजबीन की गई। जेल प्रशासन इस मामले की गहनता से जांच करा रहा है। बछरावां के खैरहनी निवासी राघवेंद्र सिंह के खिलाफ पाक्सो एक्ट और दुष्कर्म का मामला बछरावां थाने में ही दर्ज है। उसे 13 अगस्त को जेल भेजा गया था।
जेल प्रशासन ने राघवेंद्र को छह नंबर बैरक में रखा था। बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे जेल में बंदियों की गिनती शुरू हुई, तब पता चला कि एक बंदी मिसिंग है। खोजबीन शुरू की गई तो पुस्तकालय के पास खस्ताहाल पड़ी बैरक में राघवेंद्र का शव गमछे के सहारे लटका मिला। बताया गया कि जेल में साढे पांच बजे से खाना बंटना शुरू हो जाता है। एक-एक करके बैरकें खोली जाती हैं और बंदी अपना भोजन लेने आते हैं। अंदेशा है कि उसी वक्त राघवेंद्र अपनी बैरक से निकलकर निष्प्रयोज्य बैरक तक चला गया और आत्महत्या कर ली।
रात में ही उसका शव पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेज दिया गया। सूचना पर गुरुवार की सुबह राघवेंद्र के घरवाले व नाते रिश्तेदार जेल पहुंचे। जेलर ने उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। जेलर सत्य प्रकाश ने बताया कि राघवेंद्र नाम के बंदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। उसके खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट का मामला बछरावां में पंजीकृत है। ये भी जानकारी मिली कि उसकी सामाजिक छवि ठीक नहीं थी। यही वजह रही कि उससे मिलने के लिए उसके घरवाले भी बहुत कम बार ही जेल आए।


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