सुभारती विधि संस्थान में प्रेरणास्पद व्याख्यान का आयोजन

 मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विवि के सरदार पटेल सुभारती विधि संस्थान द्वारा एक प्रेरणास्पद व्याख्यान का आयोजन प्रो. डॉ. वैभव गोयल भारतीय, संकायाध्यक्ष व प्राचार्य सुभारती विधि संस्थान के दिशा निर्देशन में किया गया।
रचनात्मकता एवं आत्म संपर्क की मानव जीवन में भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता  पूरबा पाणि रिटायर्ड कैप्टन इंडियन आर्मी का परिचय लिटरेरी क्लब की कन्वीनर एना सिसोदिया द्वारा दिया गया। प्रो. डा. रीना बिश्नोई द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत पौधा भेंट करके किया गया।
कैप्टन पूरबा पाणि द्वारा अपने व्याख्यान को विद्यार्थियों से पारस्परिक संवाद कायम करते हुए शुरू किया गया। उन्होंने छात्रों से पूछा कि आप क्या है और क्या बनना चाहते हैं जो जुनून लेकर आपने इस महाविद्यालय में प्रवेश लिया है, जो आप बनना चाहते हैं, अपने उस स्पार्क को आपको अपने अन्दर जिन्दा रखना है। आप अपने प्रति ईमानदार रहिए। आगे उन्होंने कहा कि आपको सोचना चाहिए लेकिन ज्यादा सोचना भी ठीक उस तरह से है जैसे खाली दिमाग शैतान का घर। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे, युवा या बड़े सभी अपना समय ज्यादातर सोशल मीडिया पर या मोबाईल पर व्यतीत करते हैं। आपको उस समय को कम करके अपनी रचनात्मकता को बढ़ाने में इस्तेमाल करना है जो आपके भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी। आगे उन्होंने कहा कि ऐसा कोई व्यक्ति नही है जिसे डर, आलोचना, खतरा सलाह, बेइज्जती अथवा शक्ति जैसे विषय न डराते हों और जब भी आपको इन सब से डर लगे आपको खुद से तीन सवाल जैसे कि क्या मैं स्वयं को अन्तर्मन की गहराइयों से जानता हूँ, क्या आप स्वयं को आसानी से माफ कर सकते हैंध्कर देते हो और क्या आप निश्चित हो कि आप अपने मूल्य पर अडिग और दृढ़ता के साथ खड़े हो। इस कार्यक्रम में डॉ. सरताज अहमद, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी डॉ. प्रेमचन्द्र, आफरीन अल्मास, प्राची गोयल जायसवाल,शिखा गुप्ता, रामेष्ठ धर द्विवेदी शालिनी गोयल, अंजुम जहाँ और रवि सक्सेना उपस्थित रहें।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts