बिना चीर फाड आपरेशन कर बंद खून की नली को खोला

इस तरह का आपरेशन मेडिकल कॉलेज मेरठ में पहली बार हुआ

 मेरठ ।  मेडिकल कालेज के हृदय रोग विभाग में भर्ती मरीज अंजीश की गले से हाथों मे जाने वाली खून की मुख्य नली पूर्ण रूप से बंद थी उसका बिना चीर फाड आपरेशन कर बंद खून की नली को खोला गया। इस तरह का आपरेशन मेडिकल कॉलेज मेरठ में पहली बार हुआ है।  

मेडिकल कालेज मेरठ सुपरस्पेशिलिटि ब्लॉक पी0एम0एस0एस0वई0 में आज प्रेस वार्ता आहूत की गई जिसमें हृदय रोग विभाग के डा0 सी0बी0 पाण्डेय ने बताया कि हृदय रोग विभाग में भर्ती मरीज अंजीश की गले से हाथों मे जाने वाली खून की मुख्य नली पूर्ण रूप से बंद थी उसका बिना चीर फाड आपरेशन कर बंद खून की नली को खोला गया। इस तरह का आपरेशन मेडिकल कॉलेज मेरठ में पहली बार हुआ है। डा0 शशांक पाण्डेय ने बताया की मरीज की खून की नली इस तरह से बंद थी कि उसका हाथ काटने की भी नौबत आ गयी थी बिना चीर फाड के आपरेशन के द्वारा उसके दाहिने हाथ को बचाया गया। मरीज के दाहिना हाथ पहले की अपेक्षा पूर्ण रूप से काम करने लगा है। 

हृदय रोग विभाग में भर्ती मरीज असलम हृदय की तीनो मुख्य नलियां पूर्ण रूप से बंद थी और उनका विषम उदगम था इन नलियों का बिना चीर फाड आपरेशन बहुत ही कठिन था परन्तु डा0 सी0बी0 पाण्डेय तथा डा0 शशांक पाण्डेय की टीम ने इस आपरेशन की चुनोती को स्वीकार किया और मरीज के हृदय की तीनो बंद नलियों(ट्रिपल वेसल सी0टी0ओ0) को बिना चीर फाड के आपरेशन से खोल दिया। 

मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डा0 वी0डी पाण्डेय ने बताया की दोनो ही मरीज पहले दिल्ली के सरकारी एवं गैर सरकारी सुपर स्पेशिलिटी संस्थान में कई बार परामर्श लिया परन्तु प्रतीक्षा सूची लम्बी होने के कारण उनका आपरेशन वहां नही हो पाया। फिर मेडिकल कॉलेज मेरठ के हृदय रोग विभाग में परामर्श लिया विभाग के चिकित्सको ने बीमारी को गम्भीर से लेते हुए आपरेशन कर दोनो ही गम्भीर रूप से बीमार मरीजो को स्वस्थ कर दिया। उपरोक्त दोनो ही मरीज आयुष्मान लाभार्थी थे एवं उनका पूर्ण इलाज निःशुल्क हुआ है।  

मेडिकल कॉलेज के आयुष्मान भारत योजना के प्रभारी अधिकारी डा0 नवरत्न गुप्ता ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना मरीज हित में भारत एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनकल्याणी योजना है एवं  योजना प्रारम्भ से आज तक मेडिकल कॉलेज में लगभग 3000 से अधिक लाभार्थीयांे को उपचार की निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है जिसमें दिल के अप्रेशन भी निशुल्क किये गये है जिनका प्राईवेट चिकित्सालयों में खर्चा किसी आम आदमी के लिये सम्भव नही हैं। इसके अतिरिक्त इस चिकित्सा महाविद्यालय में आर्थेापेडिक में घुटना एव कुलहा प्रत्यारोपण भी निशुल्क उपलब्ध कराने के साथ सभी इम्पलान्ट, सर्जरी, यूरोलाजी, पीडिया, न्यूनोटॉलाजी, न्यूरोसर्जरी विभिन्न प्रकार की 15 विशेषताओं में इलाज की निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रही है जिसमें इलाज के दौरान होने वाली जॉचे भी शामिल है।

सी0टी0वी0एस0 विभाग के डा0 रोहित ने अवगत कराया कि विभाग के अन्तर्गत एंडोवस्कुलर सर्जरी के द्वारा छोटे चीरे ब्लाक नसों को खोलने के आप्रेशन प्रारम्भ हो गये एवं शीघ्र ही शोक ट्रोमा युनिट का गठन किया जायेगा जिसमें एंडोवस्कुलर रिस्सीटेशन तक्नीक से शोक एवं ट्रोमा के गम्भीर मरीजो को बचाने में मदद मिलेगी यह तकनीक सबसे नयी है एवं भारत मे किसी भी मेडिकल कालेज में वर्तामान मे उपलब्ध नही है।

डा0 आर0सी0 गुप्ता, प्रधानाचार्य, मेडिकल कालेज मेरठ द्वारा बताया गया कि वर्तमान में सुपरस्पेश्लिटी ब्लाक में विभिन्न विभाग संचालित है जो सुचारू रूप से भर्ती होने मरीजो को उचित उपचार की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाती है इसके अतिरिक्त शीघ्र ही अन्य विशेषताओं को प्रारम्भ किया जायेगा। 

प्रेस वार्ता में डा. के.एन.तिवारी, प्रमुख अधीक्षक, डा. रोहित, डा. सी.बी. पाण्डेय, डा. शशान्क पाण्डेय, डा. नवरतन गुप्ता, डा. वी.डी. पाण्डेय, डा. प्रेम प्रकाश मिश्रा उपस्थित रहे।

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