नई दिल्ली (एजेंसी)।हेलिकॉप्टर दुर्घटना में उसमें सवार 14 में से 13 लोगों की जान चली गई है। क्रैश के बाद हेलिकॉप्टर में आग लगने की वजह से शव बुरी तरह झुलस गए हैं। ऐसे में शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह हादसा कोहरे के कारण कथित तौर पर कम दृश्यता की वजह से हुआ। वायुसेना ने हालांकि जनरल रावत की हालत को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। वायुसेना का एमआई-17वीएच हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है और इस हादसे के कारण का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश दिए गए हैं।
सीडीएस रावत के पिता भी थे सैन्य अफसर
बिपिन रावत मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उनका जन्म उत्तराखंड के पौड़ी में 16 मार्च 1958 को हुआ था।
बिपिन रावत का परिवार कई पीढ़ियों से भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहा है। उनके पिता लक्ष्मण सिंह लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए। वहीं उनकी मां प्रदेश के उत्तकाशी की रहने वाली हैं, जो पूर्व विधायक किशन सिंह परमार की बेटी भी हैं। जनरल रावत की दो बेटियां हैं। एक बेटी का नाम कृतिका रावत बताया जाता है जबकि दूसरी बेटी के नाम की जानकारी नहीं है। जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष है और शहीदों के आश्रितों की भलाई के अभियान में सक्रिय रहती हैं।
जनरल बिपिन रावत ने देहरादून और शिमला में पढ़ाई पूरी करने के बाद एनडीए और आईएमए देहरादून से सेना में एंट्री ली थी। वे 1978 में सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से मिलिट्री-मीडिया स्ट्रैटेजिक स्टडीज में पीएचडी भी की थी।
जनरल बिपिन रावत ने 17 दिसंबर 2016 को जनरल दलबीर सिंह सुहाग के बाद 27वें सेनाध्यक्ष के रूप में भारतीय सेना की कमान संभाली थी। 1 जनवरी 2020 को देश में पहली बार सीडीएस सीडीएस की नियुक्ति हुई थी और जनरल बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस नियुक्त किए गए।

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