जन स्वास्थ्य के मानकों का लगातार पालन करना जरूरी
नई दिल्ली (एजेंसी)।देश में पिछले सप्ताह कोरोना वायरस संक्रमण की सकारात्मकता दर 0.73 फीसदी रही और पिछले 14 दिनों में संक्रमण के 10 हजार से भी कम मामले सामने आए। देश के कुल सक्रिय मरीजों में से 43 फीसदी केरल में हैं।
यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता में दी। इस दौरान लव अग्रवाल ने देश में कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के कुल 25 मामले सामने आए हैं। इन सभी मरीजों में हल्के लक्षण देखने को मिले हैं। यह कोरोना वायरस को सभी ज्ञात वैरिएंट के मुकाबले 0.04 फीसदी से भी कम है।
अग्रवाल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि जन स्वास्थ्य के मानकों का टीकाकरण के बाद भी लगातार पालन किया जाना चाहिए। बचाव के लिए उपयुक्त कदम उठाने होंगे। डब्ल्यूएचओ ने कहा, अगर किसी कारण से जन स्वास्थ्य के मानकों में ढील आती है तो यूरोप में संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।
जहां पॉजिटिविटी ज्यादा हो वहां लगें प्रतिबंध: डॉ. भार्गव
वहीं, प्रेसवार्ता में मौजूद रहे आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि ओमिक्रॉन को लेकर भारत और वैश्विक स्थिति पर नजर रखी जा रही है और बैठकें की जा रही हैं। हमें अफरा-तफरी से बचने के लिए मदद की जरूरत है। जहां सकारात्मकता दर पांच फीसदी से ज्यादा है वहां जिला स्तर पर प्रतिबंध लगाने चाहिए।
बचाव के लिए टीका और मास्क दोनों जरूरी: डॉ. पॉल
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि जहां तक सुरक्षा क्षमताओं का सवाल है तो इस समय हम खतरनाक और अस्वीकार्य स्तर पर काम कर रहे हैं। मास्क का उपयोग लगातार घटता जा रहा है। हमें यह याद रखना होगा कि टीका और मास्क दोनों ही जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक हालात से सबक लेना चाहिए।

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