पुरुष नसबंदी में छठे स्थान पर पहुंचा मुजफ्फरनगर जनपद

खुशहाल परिवार के लिए पुरुष निभाएं जिम्मेदारी: डा. दिव्या वर्मा

मुजफ्फरनगर, 8 दिसम्बर 2021।जनपद में चल रहे पुरुष नसबंदी पखवाड़े में जागरूकता अभियान लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को परिवार नियोजन व पुरुष नसबंदी के प्रति जागरूक कर रही है, जिसके परिणामस्वरुप लोगों में जागरूकता देखने को मिल रही है। बुधवार को भी जनपद में दो पुरुष नसबंदी की गई। जनपद में पखवाड़े में 18 पुरुष नसबंदी की जा चुकी हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह ने कहा समाज में भ्रांतियों के कारण पुरुष नसबंदी करवाने से हिचकिचाते हैं। नसबंदी से मर्दाना ताकत में कमी सहित शारीरिक कमजोरी जैसी भ्रांतियों के कारण लोग इससे डरते हैं, इन सभी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभाग काम कर रहा है। इसका ऑपरेशन पहले की तुलना में अब और अधिक आसान हो गया है। पुरुषों के लिए परिवार नियोजन का स्थायी उपाय नसबंदी है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व परिवार नियोजन कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने बताया जनपद में विभाग की टीम लगातार पुरुष नसबंदी को लेकर काम कर रही हैं और लोगों में जागरूकता भी देखने को मिल रही है। इसी का परिणाम है कि जनपद मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में पुरुष नसबंदी पखवाड़े में छठे स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया पखवाड़े को लेकर शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में कई टीम लगातार दस्तक देकर पुरुषों को प्रेरित कर रही है। जिले में अब तक 18 सफल पुरुष नसबंदी कराई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया एएनएम पूनम चौधरी व आशा रंजना के सफल प्रयासों से बुधवार को भी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामपुरी पर दो पुरुषों ने नसबंदी कराई।

डॉ. सतीश कुमार ने बताया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मखयाली पर बुधवार को  हिंदुस्तान ईंट भट्ठे पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आईओ कुलदीप शर्मा व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी योगेश कुमार त्यागी ने ग्रामीणों तथा ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों को पुरुष नसबंदी के बारे में जागरूक किया और बताया पुरुष नसबंदी एक बहुत ही आसान व सरल पद्धति है, जिसमें नसबंदी करने में मात्र पांच से 10 मिनट का समय लगता है और पुरुष को अस्पताल में भर्ती होने की भी आवश्यकता नहीं होती है। नसबंदी कराने के 20 मिनट पश्चात् वह अपने घर जा सकता है। इस नसबंदी में किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती। यह बिना चीरा एवं बिना टांका की सरल व आसान पुरुष नसबंदी पद्धति है। पुरुष नसबंदी कराने पर शासन द्वारा तीन हजार रुपये की राशि हितग्राही को प्रदान की जाती है।

समाजसेविका बीना शर्मा ने बताया स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार करने में परिवार नियोजन सहायक है। समाज की प्रथम इकाई परिवार होती है, परिवार नियोजन कार्यक्रम की शुरुआत सीमित परिवार एवं खुशहाल परिवार की आधारशिला पर  की गयी है। उन्होंने कहा परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी जरूरी है। इसलिए पुरुष सरकार द्वारा दी गई योजना का लाभ उठाएं।

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