- वेबिनार में विद्वानों ने रखे अपने विचार
वाराणसी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ यूपी के काशी इकाई की ओर से हिन्दी दिवस पर-हिन्दी के बढते कदम विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि बीएचयू के हिन्दी विभाग के आचार्य वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी ने कहा कि -हिन्दी को ज्ञान की भाषा बनाने के लिए प्रयास करना होगा।
विशिष्ट अतिथि डा. शशिकला त्रिपाठी (बसन्त कालेज राजघाट) ने कहा कि आज हिन्दी जनमानस की और बाजार की भाषा बनकर उभरी है। इस दिशा में काफी प्रगति हुई है। हिन्दी को तकनीकी रूप में विकसित करने की जरूरत है। इसे रोजगार से जोड़ना होगा ।
संगोष्ठी के समन्वयक डा जगदीश सिंह दीक्षित ने कहा कि आज पूरब या पश्चिम या फिर दक्षिण सब जगह हिन्दी का प्रसार हुआ है। रेलवे, न्यायालय, बैंक आदि में भी व्यापक पैमाने पर हिन्दी में कामकाज हो रहा है। आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी अपना स्थान बना चुकी है। किसी को भी राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करनी है तो उसे हिन्दी में बोलना ही होगा।
अध्यक्षीय संबोधन में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ यूपी के पूर्व अध्यक्ष डा. दीनानाथ सिंह ने कहा कि जब तक भाषाई स्वतंत्रता नहीं होगी और मातृ भाषा में अध्ययन एवं अध्यापन नहीं होगा तब तक राष्ट्रीय उत्थान नामुमकिन है। हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए हम सबको प्रतिबद्ध होना पड़ेगा। संगोष्ठी का संचालन टीडी कालेज जौनपुर के हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डा. सुषमा सिंह ने एवं धन्यवाद ज्ञापन दयानंद गर्ल्स कॉलेज कानपुर के हिन्दी विभाग की सह आचार्य डा. सुमन सिंह ने किया।


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