नई दिल्ली (एजेंसी)। अगले साल गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नए मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। गुरुवार को शपथ ली गई। पिछले मंत्रिमंडल के किसी चेहरे को इसमें जगह नहीं दी गई है। खास बात ये है कि शपथ ग्रहण से ठीक पहले विधानसभा स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ दिलाई गई। पूरे विजय रूपाणी कैबिनेट को 'नो रिपीटिशन' नीति के तहत बाहर कर दिया गया है और भूपेंद्र पटेल कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया गया है।
कहा जा रहा है कि यही फॉर्मूला भाजपा ने गुजरात के निकाय चुनाव में आजमाया था और सफल रही थी। इसलिए पार्टी को पूरा भरोसा है कि उसका यह आजमाया फॉर्मूला विधानसभा चुनाव में भी कामयाब होगा। भाजपा ने पहली बार यह प्रयोग गुजरात में किया है कि मंत्रिमंडल में सारे चेहरे नए रखे हैं और विजय रूपाणी की 22 मंत्रियों वाली पूरी टीम की छुट्टी कर दी गई है। अगले साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है इसलिए पूरी टीम को बदलने से भी उसे गुरेज नहीं है।
नई टीम के साथ काम करने में सहज होंगे नए सीएम
विश्लेषक यह भी मानते हैं कि नई टीम के होने से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल नई टीम के साथ सहजता से काम कर सकेंगे। पुरानी टीम के ज्यादातर सदस्य जिनमें उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल भी शामिल थे वे पहली बार 2017 में विधायक बने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सीनियर हैं। नई टीम के साथ नई मुख्यमंत्री के लिए काम करना आसान रहेगा। यदि पुराने मंत्रिमंडल से किसी को रखते तो विवाद की स्थिति बनी रहती, क्योंकि जिन लोगों को नहीं लिया गया वे पार्टी के लिए परेशानी का कारण बन सकते थे।

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