हरिद्वार में हुई घटना  को बताया  शर्मनाक घटना 


नई दिल्ली।भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने वंदना कटारिया के घर के बाहर पटाखे जलाने को लेकर हुए हंगामे और कुछ उपद्रवियों द्वारा उनके परिवार को जातिवादी गालियां दिए जाने की घटना को शर्मनाक बताया है। 

बता दें कि बुधवार को टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम अर्जेंटीना से 2-1 से हार गई थी। इसके हार के बाद वंदना कटारिया के घर हरिद्वार के रोशनाबाद गांव में दो युवकों ने पटाखे जलाए थे। आरोप है कि परिजनों ने जब उनको रोका तो गाली.गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद हो गया था। इतना ही नहीं युवकों द्वारा उन्हें जातिसूचक शब्द कहें गये। 

रानी ने कहा,यह बहुत बुरी बात है। हम  अपना सब कुछ देते हैं और हर खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बहुत सारे बलिदान देता है। वंदना के परिवार के साथ जो कुछ भी हुआ वह एक शर्मनाक था। मैं बस लोगों को जातिवाद से ऊपर उठने और इन सभी चीजों को रोकने के लिए कहना चाहती हूं। हम इन सबसे ऊपर उठे हैं और हमारे सभी धर्म अलग हैं, हम देश के अलग.अलग हिस्सों से आते हैं लेकिन जब हम खेलते हैं तो हम भारतीय तिरंगे  के लिए खेलते हैं।उन्होंने आगे कहा,देश को गौरवान्वित करने के लिए हम दिन.ब.दिन पसीना बहाते हैं। देश में कई अच्छे लोग भी हैं, भले ही हमने पदक नहीं जीता, लेकिन मैंने लोगों से इस स्तर का सम्मान कभी नहीं देखा। अगर हम चाहते हैं कि हमारा देश एक खेल महाशक्ति बने। 

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक में भारत का अर्जेंटीना से महिला हॉकी का सेमीफाइनल मुकाबला हारने के पश्चात, भारतीय खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार को जातिवादी गालियों का शिकार होना पड़ा। दोनो टीमों के बीच खेले जाने वाले मैच में जैसे ही भारतीय टीम पराजित हुई कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कटारिया के घर के सामने पटाखे फोडऩे और अभद्र टिप्पणियां शुरू कर दी।  उनका कहना था कि टीम में ज़्यादा दलित खिलाडिय़ों के होने की वजह से भारत ये मैच हारा है।पुलिस कटारिया परिवार के शिकायत पर कार्यवाही करते हुए अबतक 1 आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, साथ ही कुछ अज्ञात की तलाश जारी है।


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