राज्यपाल के जरिये पीएम को भेजा ज्ञापन

लखनऊ। संयुक्त किसान मोेर्चे के आह्वान पर शनिवार को भाकियू की ओर से ओसीआर परिसर में सभा कर विरोध जताया गया। किसान नेताओं ने कृषि बिलों को किसान विरोधी बताया। राजभवन तक जाने के एलान के चलते पुलिस बेरीकेडिंग कर रखी थी। किसानों से अधिक पुलिस के जवानों की संख्या देख किसान पांच प्रतिनिधियों के साथ राज्यपाल को ज्ञापन देने को राजी हो गए। एक घंटे के विरोध के बाद किसान वापस हो गए।

भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा ने बताया कि मध्याह्न 10 बजे किसान ओसीआर परिसर में एकत्र हुए और वहां सभा के बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिल को निरस्त करने का ज्ञापन देना चाहते थे। पुलिस के आश्वासन के बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल राजभवन गया और ज्ञापन देकर वापस आ गया।
उन्होंने बताया कि आपातकाल से इस प्रदर्शन का कोई लेना-देना नहीं है। सात महीने पहले 26 तारीख को किसान आंदोलन शुरू हुआ था। इसी दिन हर महीने सभी राज्यों में राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाता है। किसी पार्टी का कोई समर्थन नहीं है। अखिल भारतीय किसान महासभा के ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ नारे के साथ राजभवन तक रोष मार्च निकाले की तैयारी चल रही थी कि परिवर्तन चौक पर उन्हें राेक लिया गया। ज्ञापन देकर वापस लौट गए।किसान संयुक्त मोर्चा में 40 से अधिक किसान संगठन शामिल हैं।
हर तरफ पुलिस रही मुस्तैदः किसानोें को रोकने के लिए पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। नारेबाजी के साथ आए किसानों को रोकने का प्रयास जारी रहा। ओसीआर भवन के सामने किसानों को रोकने के लिए बेरिकेडिंग कर दी गई है। भारी पुलिस बल तैनात रहा है।

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