किसान आंदोलन की आग में उबल रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों पर लगाया दाव

 


गाजियाबाद, 14 जून, 2021 उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख सभी सियासी दलों की सक्रियता बढ गई है। एक ओर जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में तेजी से घटनाक्रम बदल रहे हैं और नेशनल मीडिया की सुर्खियों में गए हैं वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी अपनी सक्रियता बढा दी है। बसपा ने पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन के ऐलान के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी अपनी चुनावी चौसर बैठानी शुरू कर दी है। किसान आंदोलन की आग में उबल रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज के मजबूत नेता धर्मवीर चौधरी को संयोजक मनोनीत कर पार्टी ने सियासी गलियारों में तपिश तेज कर दी है। 

मूलरूप से हाथरस के सादाबाद निवासी धर्मवीर चौधरी को बसपा सुप्रीमो मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच मंडलों का संयोजक नियुक्त किया है। वरिष्ठ बसपा नेता धर्मवीर चौधरी लंबे समय से गाजियाबाद में रहते हैं। बसपा में रहते हुए जाट समाज के लिए लंबे समय से आरक्षण की मांग उठाते रहे धर्मवीर चौधरी टीवी चैनलों पर होने वाली डिबेट में पार्टी का पक्ष बखूबी रखते रहे हैं। उनका कहना है कि बहनजी ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है उसे पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाएंगे और पार्टी की नीतियों को आगे बढाते हुए पूरी मेहनत से पार्टी के प्रत्याशियों को जिताकर 2022 में पांचवीं बार बहनजी को मुख्यमंत्री बनाएंगे।

धर्मवीर चौधरी को बसपा अध्यक्ष मायवती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच मंडलों मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़ और मुरादाबाद का संयोजक मनोनीत किया है। 10 जून को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज पर भरोसा जताया है। लंबे समय समय बसपा में काम कर रहे धर्मवीर चौधरी इससे पहले गाजियाबाद के जिला महासचिव, जिला सचिव, जिला कोषाध्यक्ष  गाजियाबाद एवं हापुड़, और हाथरस  के जिला प्रभारी भी रह चुके हैं। धर्मवीर चौधरी को बसपा में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासकर जाट समाज में पार्टी के प्रति विश्वास बढा है। 

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