जल्द खत्म होंगे पेपर, एक कोड से दूसरे में नंबर


मेरठ। दस अगस्त से पहले परीक्षा कराने की बाध्यता से चौ. चरण सिंह विवि ने स्नातक रेगुलर-प्राइवेट सहित वार्षिक परीक्षा पैटर्न के कोर्स में बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी है। बीए, बीकॉम और बीएससी में छात्रों को सिर्फ एक पेपर की परीक्षा देनी होगी। यूजी-पीजी ट्रेडिशनल-प्रोफेशनल सेमेस्टर परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं होगा और इनका कार्यक्रम भी यथावत रहेगा। एमए और एमकॉम प्राइवेट फाइनल इयर में वायवा नहीं होंगे। एलएलबी-एलएलएम में संशोधित कार्यक्रम जारी होगा। बीएड के पेपर सितंबर के बजाय जुलाई में होंगे। दो जुलाई से प्रस्तावित मुख्य परीक्षाएं अब आठ जुलाई से कराई जाएंगी। विवि जल्द ही संशोधित कार्यक्रम जारी करेगा। सभी पेपर डेढ़ घंटे के ही होंगे। सवालों की संख्या विवि पहले ही स्पष्ट कर चुका है।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की आपात बैठक में उक्त निर्णय हुआ। रजिस्ट्रार एवं परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार सहित सभी सदस्य बैठक में मौजूद रहे। परीक्षा समिति ने आठ जुलाई से मुख्य परीक्षाएं कराते हुए पांच अगस्त तक कराने पर मुहर लगा दी। अभी तक ये परीक्षाएं दो जुलाई से थी। नए नियम से कम समय पेपर खत्म हो जाएंगे। एक कोड में मिले नंबर उसी पेपर के बाकी कोड में भी माने जाएंगे।
इन विषयों में केवल एक कोड का पेपर
रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार के अनुसार ट्रेडिशनल कोर्स में बीए, बीकॉम रेगुलर-प्राइवेट, बीएससी सहित वार्षिक प्रणाली में प्रत्येक पेपर में केवल एक कोड का पेपर देना होगा यानी यदि किसी पेपर में दो या तीन कोड की परीक्षा होती है तो अब छात्र कोई एक पेपर कोड का पेपर देगा। केंद्र पर कक्ष निरीक्षक छात्रों से पेपर कोड का विकल्प पूछेगा। विवि एक विषय के सारे पेपर कोड को परीक्षा कार्यक्रम में एक ही दिन और एक समय में रखेगा। ऐसे में छात्र को दिक्कत नहीं होगा। छात्र इन कोड में जो चुनना चाहता है उसका पेपर दे सकता है।
सेमेस्टर परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं
विवि के अनुसार यूजी-पीजी ट्रेडिशनल-प्रोफेशनल अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं है। इनमें छात्रों को समस्त पेपर देने होंगे। विवि की यह परीक्षाएं दस अगस्त से पहले ही खत्म हो रही हैं। विवि में सेमेस्टर परीक्षाएं छह जुलाई से प्रस्तावित हैं।

विवि में एलएलबी-एलएलएम प्रथम एवं फाइनल सेमेस्टर के पेपर में भी बदलाव होगा। इन दोनों कोर्स के पेपर की तिथियां बदलेंगी और संशोधित कार्यक्रम जारी होगा। विवि इनका परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी कर चुका है।
क्वालीफाइंग पेपर केवल फेल छात्रों के
ऐसे छात्र जो स्नातक प्रथम वर्ष में क्वालीफाइंग पेपर को अभी तक पास नहीं कर सके हैं और इस वक्त फाइनल इयर में हैं, केवल उन्हीं को ही पेपर देना होगा। विवि के अनुसार क्वालीफाइंग पेपर में फेल और अब अंतिम वर्ष में शामिल छात्र ही यह पेपर दे सकेगा। तीनों वर्षों में इस पेपर को पास करना अनिवार्य है।

एमए, एमकॉम में इस साल वायवा नहीं

एमए, एमकॉम प्राइवेट फाइनल इयर में इस बार वायवा नहीं होगा। स्नातक में प्रैक्टिकल पहले ही खत्म किए जा चुके हैं। केवल थ्योरी के आधार पर छात्रों को अंक दिए जाएंगे। विवि में वायवा लंबे चलते हैं और इसमें हजारों छात्र शामिल होते हैं।

बीएड फाइनल इयर के पेपर एक सितंबर के बजाय जुलाई में ही होंगे। बीएड में भी छात्रों को सारे पेपर कोड देने होंगे। विवि के अनुसार संशोधित सभी परीक्षा कार्यक्रम आज वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे।
2018 से पहले के प्रकरण अब नहीं सुने जाएंगे
स्क्रूटनी में विवि अब 2018 से पहले के किसी भी मामले को नहीं सुनेगा। ऐसे मामलों में औसत अंक की प्रक्रिया भी बदल गई है। यदि छात्र एक्स या बैक पेपर देता है तो उसे एक्स या बैक के नंबर ही मिलेंगे। बाकी विषयों का औसत अंक नहीं दिया जा सकेगा।
यह रहे मौजूद
बैठक में सहायक कुलसचिव कमल कृष्ण, सहायक कुलसचिव परीक्षा सत्यप्रकाश, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. विजय जायसवाल, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. एमके जैन एवं प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।

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