कोरोना वायरस से घबराएं नहीं, सावधानी बरतें
बुलंदशहर। जनपद में कोरोना तेजी से फैल रहा है। इस बार कोरोना फेफड़ों को सीधे संक्रमित कर रहा है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी से सुरक्षित रहकर बीमारी से लड़ा जा सकता है।
जिला कंट्रोल रूम प्रभारी डा. मनोज कुमार ने बताया यदि सांस लेने में दिक्कत हो रही है, फेफड़ों के निचले हिस्से में सूजन या तेज दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। सूखी खांसी आना, खांसते वक्त सीने में दर्द होना भी कोरोना के लक्षण हैं। ऐसे में घबराएं नहीं अपने को घर के अन्य सदस्यों से अलग होकर आइसोलेट हो जाएं। इसके बाद चिकित्सक की सलाह से दवा का सेवन करें, हर आधा घंटे पर ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन स्तर की जांच करते रहें। साथ ही कुछ चीजों का ध्यान रखें जैसे ठंडे पानी और ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। गुनगुना पानी पीते रहें। संतरा, सेब, नारियल पानी का सेवन करें। खाली पेट बिल्कुल भी न रहें क्योंकि खाली पेट वायरस तीव्रता से हावी हो सकता है।
उन्होंने बताया यूं तो शरीर में ऑक्सीजन का सेच्यूरेशन 100 फीसदी होना चाहिए लेकिन यह 94 से लेकर 98 के बीच रहना भी अच्छा माना जाता है। 94 से कम होने पर मॉनीटरिंग की जरूरत होती है। बेहतर ऑक्सीजन लेबल के लिए उल्टे लेट (प्रोनिंग पॉजीशन) सकते हैं। कई बार नाक बंद होने से भी शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, ऐसे में भाप लें। ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सक की सलाह पर नेबुलाइज भी कर सकते हैं। निगेटिव खबरों से अपने आपको अलग रखने का प्रयास करें। कोरोना पॉजिटिव होने पर बेशक शरीर को आराम की जरूरत होती है, लेकिन श्वसन से जुड़े व्यायाम जारी रखना बेहतर होता है। डीप ब्रीदिंग शरीर को मिलने में ऑक्सीजन में बढ़ोतरी करती है और फेफड़ों की सक्रियता बनी रहती है। गुब्बारों को फुलाकर, सीढ़ियों पर चढ़-उतरकर, 20 सेकेंड से 60 सेकेंड तक सांस रोक कर फेफड़ों को मजबूत करने के साथ प्राणायाम करें।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रोहताश यादव ने बताया परिवार में सर्दी या फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ऐसे में घर में भी मास्क लगाकर रखें। अपने हाथों को समय-समयपर 40 सेकेंड तक साबुन और पानी से धोते रहें। चेहरे को छूने से बचें, दूसरों से दो गज की दूरी बनाकर रहें।
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