मेरठ। जिले में बढते कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिये स्वास्थ्य विभाग रात दिन जुटा है। लेकिन कोरोना मरीज उनकी मेहनत पर पानी फेरते नजर आ रहे है। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद जिन मरीजों को होम आईसोलशन में होना चाहिए वह स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहुंच की फिर से अपनी जांच कराने का दबाव चिकित्सकों पर बना रहे है। जबकि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन का एक समय होता है। नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्र नगर का अतिरिक्त प्रभार देख रहे डा अंकुर त्यागी ने बताया स्वाथ्य केन्द्र पर रोजाना सैम्पलिंग की जा रही है। प्राय:यह देखा जा रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज होम आईसोलेशन होने के बाद जानबूझ कर स्वास्थ्य केन्द्र पर फिर से टेंस्ट कराने के लिये पहुुंच रहे है। जो काफी दुखद है। जबकि ऐसे मरीजों को एक समय सीमा तक होम आइसोलेशन होना अनिवार्य है। उन्होने बताया वैशाली कालोनी का एक 55 वर्षीय एक व्यक्ति सैम्पलिंग कराने के लिये लाइन में लग गये। वह जांच कराने के आये लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिये बाहर आये तो उनकी नजर उस व्यक्ति पडी । जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। उसे होम आइसोलेशन में होना चाहिए था लेकिन वह लाइन में लगा था। जब उस व्यक्ति को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी गयी तब वह लाइन से निकल कर अपने घर के रवाना हुआ। उन्होने बताया स्वास्थ्य विभाग तनमन से कोरोना से संक्रमित मरीजों को बचाने के लिये जुटा हुआ है। लेकिन ऐसे लोग कोरोना को फैलाने के न्यौता दे रहे है। उन्होने लोगों से अपील की है कि कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों को एक समय सीमा तक होम आइसोलेशन में रहना अनिवार्य है। लापरवाही बरतने से इसका सक्रमण आपके आसपास में फैल सकता है।
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