मकान पर कब्जे को लेकर 5 मार्च 2021 को सद्दीकनगर में हुआ था बवाल
-अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर ने सीओ ब्रहमपुरी को सौंपी जांच, पूर्व पार्षद ने की प्रेसवार्ता
मेरठ। गत दिनों मकान पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर ने सीओ ब्रहमपुरी को जांच के आदेश दिए है। आरोप है कि इस मामले की पुलिस ने अभी तक पीड़ित की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। मंगलवार को पूर्व पार्षद आबाद मंसूरी ने अपने आवास पर पत्रकारवार्ता की। बताया कि बैनामा कराने के नाम पर मकान मालिक ने उनसे 80 लाख रुपये हड़प लिए। अब अपराधिक लोगों के साथ मिलकर मकान पर कब्जा करने की फिराक में है। मांग की कि पुलिस दी गई रकम को वापस या मकान पर कब्जा दिलाए।
ऊंचा सद्दीक नगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारवार्ता में पूर्व पार्षद आबाद मंसूरी ने बताया कि मुस्तकीम पुत्र अब्दुल वहिद निवासी फिरोज नगर थाना लिसाड़ीगेट से ट्यूबवैल तिराहा स्थित मकान का सौदा एक करोड़ में तय किया गया था। बयाने के तौर पर 35 लाख रुपये नगद दे दिए गए थे, बाकी के रुपये 20 अंदर देना तय हुआ। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में 80 लाख रुपये मुस्तकीम को दिए गए। जो रुपये मुस्तकीम को दिए गए, उन सभी का रिकार्ड उनके पास है। आबाद मंसूरी ने बताया कि 20 लाख रुपये बाकी रह गए थे, जिन्हें देकर मकान का बैनामा उनके नाम होना था, लेकिन जब बैनामे का नम्बर आया तो मुस्तकीम बहाने बनाने लगा। 14 जनवरी 2020 को मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी में मुस्तकीम से बैनामा कराने के लिए कहा तो उसने 24 घंटे का समय मांगा। लेकिन उसके बाद भी मुस्तकीम ने मकान का बैनामा नहीं कराया। हालांकि, मुस्तकीम ने मकान पर कब्जा दिला दिया। आबाद ने बताया कि कब्जा करके उन्होंने मकान में किराएदार छोड़ दिया। किराएदार परिवार के साथ मकान के अंदर रहने लगा।
80 लाख रुपये लेकर दूसरे को बेच दिया मकान
आबाद मंसूरी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि 5 मार्च 2021 की रात्रि मुस्तकीम अपने पुत्र समीर, ससुर फखरूद्दीन, साला शाहरूख, साढू भूरा, पत्नी कासिफा एवं मोहम्मद उमर, उमरदराज पुत्र याकूब, कदीर पुत्र रशीद, जीशान उर्फ टेंडू पुत्र इरफान, रिश्तेदार व 10-12 अज्ञात लोगों के साथ आया, सभी अवैध हथियारों से लैस थे। किराएदार अनवर हुसैन व उसके बच्चों के साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट की। मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया और घर का सामान फेंक दिया। शोर शराबा सुनकर मोहल्ले के लोग एकत्र हुए, उन्होंने अनवर हुसैन व परिवार की जान बचाई। एक दौरान एक बदमाश को लोगों ने पकड़ लिया, जो पुलिस की सुपर्दगी में दे दिया गया था। बताया कि घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। आबाद ने बताया कि इस पूरे मामले की जब जानकारी जुटाई तो सामने आया कि मुस्तकीम ने मकान की पॉवर आॅफ अटर्नी शबाना शिफा के नाम करा दी। जिसका बैनामा शबाना ने अपने पति मोहम्मद उमर के हक में कर दिया।
बदमाशों के खिलाफ कई थानों में अपराधिक मामले दर्ज
पत्रकारवार्ता में आबाद मंसूरी ने बताया कि मुस्तकीम ने धोखाधड़ी से 80 लाख रुपये हड़प लिए। अब अपने लोगों के साथ मिलकर मकान पर कब्जा करने की फिराक में है। जो बदमाश पकड़ा गया था, उसका ब्रहमपुरी पुलिस ने 151 में चालान कर दिया। आरोप लगाया कि जिन लोगों ने हमला किया, वे सभी उमर गैंग के सदस्य हैं। सभी बदमाशों के खिलाफ कई थानों में अपराधिक मामले दर्ज है।
पुलिस नहीं कर रही सुनवाई, सीओ करेंगे जांच
इस संबंध में ब्रहमपुरी पुलिस में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर के यहां शिकायत की गई। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने घटना को संगीन मानकर पूरे मामले की जांच के आदेश सीओ ब्रहमपुरी को दिए है। आबाद का कहना है कि ब्रहमपुरी पुलिस इस मामले की शिकायत दर्ज करें। मांग की गई कि जो 80 लाख रुपये दिए गए उनको वापस दिलाया जाए या मकान का बैनामा उनके नाम कराया जाए। प्रेसवार्ता में कासिफ मंसूरी, सलीम पठान, शेर मंसूरी, चांद मंसूरी, मुजीब उर रहमान आदि मौजूद रहें।



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