विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च पर मेडिकल कालेज में एलपी लैब का होगा शुभारंभ

मेरठ व सहारनपुर मंडल के जिलों के टीबी रोगियों के सैंपल की यहीं होगी जांच  


मेरठ। टीबी के मरीजों को अब अपनी जांच की रिपोर्ट के लिये एक माह का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में एलपी लैब ;लाइन प्रोव लैब स्थापित हो गयी है। अब इस लैब में मेरठ व सहारनपुर मंडल के टीबी मरीजों की जांच की जाएगी। आगरा के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाली यह पहली लैब होगी। इस लैब में जांच से इस बात का भी पता चल सकेगा कि टीबी मरीज के लिये कौन सी दवा उपयुक्त रहेगी। गौरतलब है कि अब तक टीबी की विस्तृत जांच के लिए सैंपल आगरा स्थित लैब भेजे जाते थे, जिसकी रिपोर्ट आने में एक महीने का समय लग जाता था। 

 
  जिला क्षय रोग अधिकारी डा एमएस फौजदार ने बताया अभी तक मेरठ में टीबी मरीजों की जांच के लिये सीबी नॉट, टू नेट, सीडीएमटी लैब, एपीए लैब की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन टीबी की विस्तृत जांच के लिये सैंपल आगरा भेजे जाते थे। अब तक आगरा की लैब में आसपास के 14 जिलों के टीबी मरीजों की जांच की जाती है, इसलिए रिपोर्ट आने में एक-एक महीने का समय लग जाता था, जिससे टीबी के मरीजों के उपचार में देरी हो जाती थी। उन्होंने बताया यहां एलपी लैब व डिजिटल एक्सरे मशीन लगाने की मांग शासन से की गयी थी। मांग मंजूर हुई और यहां 25 लाख की लागत से एलपी लैब को स्थापित किया गया है। इस लैब में मेरठ मंडल के मेरठ, हापुड, गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, व सहारनपुर मंडल के सहारनपुर,  मुजफ्फरनगर, शामली जिले के टीबी मरीजों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया इस लैब की खासियत यह है कि सैंपल लगने के बाद 72 घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। जबकि आगरा लैब भेजे गये सैंपल की रिपोर्ट आने में एक माह का समय लग जाता था। इस लैब की रिपोर्ट से इस बात का भी पता चल जाएगा कि टीबी मरीज के उपचार में कौन सी दवा उपयुक्त रहेगी। उन्होंने बताया मेडिकल कालेज में लैब के लिए मशीनों को शनिवार को स्थापित किया जा चुका है। विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल व मेरठ दक्षिण के विधायक सोमेन्द्र तोमर इस लैब का शुभारंभ करेंगे।
 जिला अस्पताल के क्षय रोग विभाग में लगी डिजिटल एक्सरे मशीन
   अभी तक यहां टीबी मरीजों की जांच बलगम का नमूना लेकर की जाती थी। काफी ऐसे मरीज होते थे, जिनका सैंपल के लिए बलगम नहीं मिल पाता था।अब टीबी मरीजों की जांच के लिये जिला अस्पताल के क्षय रोग विभाग में डिजिटल एक्सरे मशीन लगायी गयी है। इसकी रिपोर्ट मात्र एक घंटे में मिल जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया इस मशीन का शुभारंभ सीएमओ डा.अखिलेश मोहन द्वारा विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर करेंगे। उन्होंने बताया इस साल जनवरी, फरवरी व मार्च माह में अभी तक 2085 टीबी के मरीज मिल चुके हैं। जबकि गत वर्ष 9537 टीबी मरीज मिले थे, जिसमें से अधिकतर उपचार के बाद ठीक हो गये हैं। ठीक हुए काफी लोग विभाग के साथ मिलकर टीबी के प्रति  जागरूकता फैला रहे हैं। उन्होंने बताया विभाग का प्रयास है कि जागरूकता और उपचार के जरिये 2025 तक टीबी को जड़ से समाप्त कर दिया जाए।  


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