अखिलेश के गढ़ कन्नौज में सपा का बड़ा एक्शन, पूरी जिला कार्यकारिणी भंग

पीडीए सम्मेलन में खाली दिखीं कुर्सियां, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी हुए थे शामिल; विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बदलाव के संकेत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने जिले की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी है। कन्नौज से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सांसद हैं, ऐसे में पार्टी के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। हाल ही में आयोजित पीडीए सम्मेलन में कम भीड़ और पंडाल में खाली कुर्सियों की तस्वीरें सामने आने के बाद इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।

पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियों से उठे सवाल

कन्नौज में आयोजित पीडीए सम्मेलन में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल समेत पार्टी के कई नेता शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर नेताओं की अच्छी-खासी मौजूदगी दिखाई दी, लेकिन पंडाल में कई कुर्सियां खाली नजर आईं। सम्मेलन में कम भीड़ जुटने को जिले में संगठन की कमजोरी से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, कार्यकारिणी भंग करने के पीछे पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है। सम्मेलन में कम भीड़ को इस फैसले का कारण माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

विधानसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की कवायद

प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा संगठन को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी की कोशिश ऐसे पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देने की है, जो जनता के बीच सक्रिय रहकर संगठन का विस्तार कर सकें और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचा सकें।

कन्नौज में पूरी कार्यकारिणी भंग किए जाने को इसी रणनीति के तहत देखा जा रहा है। अब जिले में नए सिरे से संगठनात्मक ढांचा तैयार किए जाने की संभावना है। नए पदाधिकारियों के चयन में स्थानीय जनाधार और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता अहम हो सकती है।

टिकट के दावेदारों की बढ़ी बेचैनी

कार्यकारिणी भंग होने के बाद जिले में सपा के नेताओं और आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों की नजरें पार्टी के अगले कदम पर टिकी हैं। संगठन में होने वाले बदलाव से स्थानीय नेताओं की जिम्मेदारियां और राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

पार्टी के सामने अब कन्नौज में संगठन को फिर से सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की चुनौती है। आने वाले दिनों में नई कार्यकारिणी के गठन से यह स्पष्ट होगा कि नेतृत्व किन चेहरों पर भरोसा जताता है।

पीडीए के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश

समाजवादी पार्टी पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का लक्ष्य इन वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना है। ऐसे में कन्नौज जैसे महत्वपूर्ण जिले में संगठनात्मक बदलाव को आगामी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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