CCSU में उद्योग–शिक्षण संस्थान सम्मेलन, पढ़ाई के साथ कमाई और रोजगार की राह होगी आसान

NATS और AEDP के जरिए उद्योगों से जुड़ेंगे विद्यार्थी, 43 कंपनियों के 81 प्रतिनिधियों समेत 100 से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

मेरठ, 2 सितंबर 2026। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU), मेरठ और बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को अटल सभागार में “इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट मीट ऑन नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) एंड अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP)” का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाकर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, पेड अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना रहा।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला एक आवश्यक बैठक के चलते मुख्य कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। हालांकि उन्होंने BOAT/NATS के प्रतिनिधिमंडल से विशेष मुलाकात की। उनकी उपस्थिति में विश्वविद्यालय और BOAT/NATS के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कुलपति ने विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने और कौशल आधारित, रोजगारपरक उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में शोध निदेशक प्रो. बीर पाल सिंह, कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह, BOAT (NR) के निदेशक विवेक कुमार, निदेशक रैंकिंग एवं पूर्व प्रति-कुलपति प्रो. एम.के. गुप्ता, AEDP के नोडल अधिकारी प्रो. के.के. शर्मा, प्राणी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. दिनेश सी. शर्मा, सहायक निदेशक NATS नवीन कुमार पाठक एवं सुनील कुमार सहित विश्वविद्यालय, उद्योग और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का स्वागत एवं बैठक की रूपरेखा प्रो. दिनेश सी. शर्मा ने प्रस्तुत की। इसके बाद नवीन कुमार पाठक ने NATS अप्रेंटिसशिप योजना पर प्रस्तुति देते हुए विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के लिए इसके लाभ बताए। BOAT (NR) के निदेशक विवेक कुमार ने Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और वास्तविक कार्य अनुभव दिया जा सकता है।

43 उद्योगों के 81 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

सम्मेलन में उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सीधा संवाद प्रमुख आकर्षण रहा। प्रश्नोत्तर सत्र और वन-टू-वन एकेडमिया–इंडस्ट्री इंटरेक्शन में महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न कंपनियों से सीधे बातचीत की। उद्योग प्रतिनिधियों ने NATS के माध्यम से पारंपरिक पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को भी पेड अप्रेंटिसशिप और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में 43 उद्योगों के 81 प्रतिनिधियों तथा विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें Akums Drugs & Pharmaceuticals Ltd., Padget Electronics Ltd., Indian Oil Corporation Limited (IOCL), Motherson Sumi Wiring India Ltd., ONGC, JBM Auto Limited, Uttarakhand Power Corporation Limited और ADRDE-DRDO, Agra समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल रहे।

NATS से करियर बनाने वाले पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव

सम्मेलन में NATS के जरिए करियर में सफलता हासिल करने वाले पूर्व विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। Motherson Sumi Wiring India Limited के असिस्टेंट इंजीनियर शिवम कुमार, Akums Drugs & Pharmaceutical Ltd. के ऑफिसर प्रद्युम्न और असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव शुभम कुमार ने विद्यार्थियों को NATS के माध्यम से उपलब्ध करियर संभावनाओं की जानकारी दी।

उद्योग जगत की ओर से भी अप्रेंटिसशिप की उपयोगिता और उद्योगों की अपेक्षाओं पर चर्चा की गई। Akums Drugs & Pharmaceutical Ltd. के मैनेजर–कॉरपोरेट HR अमित कुमार श्रीवास्तव तथा Indian Oil Corporation Limited के नॉर्दर्न रीजन ऑफिस की सीनियर मैनेजर (ER) ज्योति कुमारी ने केस स्टडी और अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और BOAT/NATS के अधिकारियों ने उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच लगातार संवाद और सहयोग को जरूरी बताया। सम्मेलन के दौरान हुए संवाद के बाद उद्योग प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण और पेड अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाने की दिशा में सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम के अंत में AEDP के नोडल अधिकारी प्रो. के.के. शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन ज्योति शर्मा ने किया।

विश्वविद्यालय और BOAT/NATS के बीच हुआ MoU, 43 उद्योगों की सहभागिता और शिक्षण संस्थानों तथा उद्योग जगत के बीच सीधा संवाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप उच्च शिक्षा को कौशल, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए पेड ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

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