छह घंटे की वार्ता के बाद भाकियू का कमिश्नरी घेराव स्थगित

अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान का दिया आश्वासन, सुबह किसानों के बीच पहुंचकर की गई घोषणाएं

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के आह्वान पर मंगलवार को कमिश्नरी गेट के सामने आयोजित महापंचायत और घेराव बुधवार सुबह अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। देर रात मंडलायुक्त भानु गोस्वामी के नेतृत्व में किसानों के 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और करीब 30 अधिकारियों के बीच लगभग छह घंटे तक चली वार्ता में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से मंथन हुआ।

महापंचायत में मुख्य अतिथि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा था कि किसानों की वार्ता मंडलायुक्त के नेतृत्व में होनी चाहिए, अन्यथा 72 घंटे का धरना जारी रहेगा। इसके बाद किसानों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा करते हुए मंडलायुक्त के नेतृत्व में वार्ता की मांग की। देर रात मंडलायुक्त ने किसानों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया।

मंडलायुक्त सभागार में जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के साथ वार्ता की। इसमें अपर मंडलायुक्त अमित कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी नूपुर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, ऊर्जा प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता, एमडीए वीसी संजय मीणा, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, एडीएम सिटी बृजेश सिंह सहित गन्ना विभाग एवं अन्य विभागों के करीब 30 अधिकारी मौजूद रहे।

बिजली समस्याओं पर मिला आश्वासन

वार्ता में बिजली के बढ़े हुए लोड की पिछले छह माह के आधार पर जांच कर जायज पाए जाने पर लोड कम करने का आश्वासन दिया गया। पेनल्टी की धनराशि को सिक्योरिटी में जोड़कर बिल में समायोजित करने की बात कही गई। ट्रांसफार्मर फुंकने पर दो से तीन दिन में बदलने तथा तार चोरी की घटनाओं में एक सप्ताह के भीतर नए तार डलवाने के निर्देश दिए गए। किसानों की तहरीर पर तार और स्टार्टर चोरी की रिपोर्ट थानों में दर्ज करने तथा जर्जर तारों को बदलने का भी आश्वासन दिया गया।


खाद, गन्ना भुगतान और गांवों की समस्याओं पर भी बनी सहमति

खाद समितियों में ब्याज और खाद वितरण की जांच अपर मंडलायुक्त अमित कुमार द्वारा कराने की बात कही गई। तीन प्रतिशत से अधिक वसूला गया ब्याज वापस कराने का आश्वासन दिया गया। किसानों को नियमानुसार डीएपी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सीडीओ की निगरानी में सुनिश्चित करने की बात कही गई।

किनौनी चीनी मिल का बकाया भुगतान नए पेराई सत्र शुरू होने से दस दिन पहले कराने का आश्वासन दिया गया। बुजुर्ग और असहाय किसानों के गन्ना बॉन्ड से संबंधित मामलों के समाधान के लिए डीसीओ के लखनऊ जाने की बात कही गई। प्रमुख सचिव गन्ना से किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात भी पेराई सत्र शुरू होने से पहले कराने का आश्वासन दिया गया।

इसके अलावा पांच नए तालाबों की सफाई, नारंगपुर आयुष्मान मंदिर में चिकित्सक की व्यवस्था, पशु चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता और लंपी रोग की वैक्सीन प्राथमिकता से लगाने पर सहमति बनी। जाटौली और नंगला ताशी में नाले के पुनर्निर्माण तथा खस्ताहाल ग्रामीण सड़कों को इसी वित्तीय वर्ष में बनवाने का आश्वासन दिया गया।

लहरा गांव के तालाब में मछली पालन न होने देने, वीरनगर में वर्षों पुराने पट्टों से संबंधित मुकदमों का गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण तथा खटकी में तीन वर्ष पुराने पारिवारिक विवाद के मामले में गुंडा एक्ट नहीं लगाने की बात भी कही गई।

किसानों ने रात में एक फेस ट्यूबवेल लाइट और टॉप बोरर तितली निवारक लाइट की मांग भी रखी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी और जिला गन्ना अधिकारी से सुझाव लेकर शासन को पत्र भेजने तथा ऊर्जा प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता द्वारा स्वयं पैरवी करने का आश्वासन दिया गया।

सुबह किसानों के बीच पहुंचकर की गई घोषणाएं

रात करीब साढ़े 12 बजे वार्ता समाप्त होने के बाद किसानों ने अधिकारियों से सभी आश्वासनों की घोषणा धरनास्थल पर करने की मांग की। आश्वासन नहीं मिलने पर सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ करीब एक हजार किसान कमिश्नरी के सामने सड़क पर ही डटे रहे और रात गुजारी।

बुधवार सुबह करीब सात से आठ बजे के बीच एडीएम सिटी बृजेश सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले किसानों के बीच पहुंचे और वार्ता में तय किए गए समाधान एवं आश्वासनों की घोषणा की। इसके बाद जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान दोबारा इसी ताकत के साथ कमिश्नरी पहुंचेंगे। उन्होंने सभी किसानों का धन्यवाद करते हुए आंदोलन स्थगित करने का आह्वान किया। इसके बाद टेंट हटाया गया और करीब नौ बजे तक किसान कमिश्नरी कार्यालय के सामने मौजूद रहे।

जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसान अपनी पीड़ा के कारण आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने मंडलायुक्त द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयासों के लिए उनका आभार जताया और कहा कि अब अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी तथा किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए।

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