एक की जीत का असर बहुत बड़ा होता है: कनिका ढिल्लों
मुंबई। लेखक-निर्माता कनिका ढिल्लों ने फिल्म उद्योग में महिलाओं के एक-दूसरे का साथ देने और उनकी सफलता का जश्न मनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि एक महिला की जीत से कई अन्य महिलाओं के लिए अवसरों के दरवाजे खुलते हैं।
कनिका ने कथा पिक्चर्स और डब्ल्यूआईएफ इंडिया की ओर से आयोजित वीमेन बिल्डिंग सिनेमा टुगेदर पैनल चर्चा में अभिनेत्री तापसी पन्नू और ऑस्कर विजेता प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा कपूर के साथ महिला नेतृत्व, महिला-केंद्रित सिनेमा और उद्योग में महिलाओं के लिए मजबूत रचनात्मक नेटवर्क की जरूरत पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब लोग मुझसे पूछते हैं कि इतनी कॉम्प्लेक्स, स्ट्रॉन्ग और रेयर महिला कहां से आती है, तो मैं कहती हूं कि वह मेरे आसपास ही हैं। एक सामान्य महिला सिर्फ एक डायमेंशन वाली नहीं होती और न ही उसे किसी मदद की जरूरत है।
कनिका ने कहा कि हममें से किसी एक की जीत का महत्व जितना आप सोच सकते हैं, उससे कहीं ज्यादा बड़ा है। जब गुनीत जीतती हैं, तो हममें से कई लोगों के लिए दरवाजे खुलते हैं। जब तापसी की फिल्म अच्छा कर रही होती है और वह ‘गांधारी’ जैसी फिल्म बना रही हैं, तो दरवाजे खुल रहे हैं। हम एक-दूसरे के कंधों पर चढक़र आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब आप किसी को किसी महिला को नीचा दिखाते हुए सुनते हैं, तो आपको उसके लिए खड़ा होना चाहिए। हमें एक-दूसरे का साथ देते रहना होगा, क्योंकि अवसर बहुत ज्यादा नहीं हैं।

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