एआई+ यूजर्स को डेटा और प्राइवेसी पर मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
एनएक्सटी क्वांटम ओएस 1.1 पेश, ऐप्स की परमिशन और डेटा ट्रैफिक पर बढ़ेगा नियंत्रण
नई दिल्ली, सितंबर। स्मार्टफोन में कौन-सा ऐप यूजर के डेटा का कब और किस तरह इस्तेमाल कर रहा है, इसकी जानकारी हासिल करना अक्सर आसान नहीं होता। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एआई+ स्मार्टफोन ने एनएक्सटी क्वांटम ओएस 1.1 का नया वर्जन पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, नए अपडेट से यूजर्स को डेटा और प्राइवेसी से जुड़ी अधिक जानकारी और नियंत्रण मिलेगा। खास बात यह है कि कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सोर्स कोड भारत में ही सुरक्षित रहेगा।
एनएक्सटी क्वांटम शिफ्ट टेक्नोलॉजीस और एआई+ स्मार्टफोन के सीईओ माधव शेठ ने कहा, “टेक्नोलॉजी का भविष्य सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि वह क्या कर सकती है। असली बात यह है कि लोग उस पर कितना भरोसा करते हैं।”
कंपनी के अनुसार, एनएक्सटी क्वांटम ओएस 1.1 के तहत ऐप्स से जुड़ा 100 प्रतिशत डेटा ट्रैफिक भारत में मौजूद सर्वर्स के माध्यम से प्रोसेस होगा। सिस्टम 1,000 से अधिक कनेक्शन्स और 172 अलग-अलग डेस्टिनेशन आईपी एड्रेस से जुड़े सोर्स रूल्स की ऑटोमैटिक जांच करेगा। डेटा ट्रैफिक और आईपी पिंग्स भारत के नेटवर्क के भीतर ही रहेंगे। हालांकि, जरूरी गूगल कोर सर्विसेस के लिए डेटा ट्रैफिक कैलिफोर्निया और सिंगापुर तक जाएगा।
एक ही जगह मिलेगी प्राइवेसी की जानकारी
अपडेट के साथ एनएक्सटी प्राइवेसी डैशबोर्ड भी उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए यूजर्स एक ही जगह सभी ऐप्स की परमिशन देख सकेंगे और जरूरत के अनुसार उन्हें बदल या बंद कर सकेंगे। इसके अलावा, बैकग्राउंड में कोई ऐप कब और फोन के किन फीचर्स को एक्सेस कर रहा है, इसकी जानकारी भी यूजर्स को मिलेगी। जरूरत से ज्यादा परमिशन के इस्तेमाल की स्थिति में प्राइवेसी अलर्ट भी जारी किया जाएगा।
ओपन रिव्यू के जरिए होगी टेस्टिंग
एनएक्सटी क्वांटम ओएस 1.1 को प्रोजेक्ट ओपन रिव्यू 2.0 का भी हिस्सा बनाया गया है। इसके तहत रिव्यूअर्स, क्रिएटर्स, पत्रकार और एथिकल हैकर्स एआई+ डिवाइसेस को टेस्ट कर सकेंगे और अपने अनुभव व फीडबैक साझा कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इससे सिस्टम की पारदर्शिता और प्राइवेसी फीचर्स को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।


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