अरावली संरक्षण पर आरजीपीजी कॉलेज में विचार मंथन

प्रकृति के संरक्षण और विकास के बीच संतुलन पर हुई चर्चा, निबंध एवं ब्रेनस्टॉर्मिंग प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “अरावली संरक्षण : प्रकृति की सुरक्षा या विकास में बाधा” विषय पर विचार मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वसुधा इको क्लब, वनस्पति विज्ञान विभाग और जागरूक नागरिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और अरावली पर्वतमाला के महत्व पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की संरक्षक एवं महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता मलिक रहीं। अध्यक्षता जागरूक नागरिक एसोसिएशन के महासचिव गिरीश शुक्ला ने की। कार्यक्रम का संचालन भूगोल विभाग की प्रभारी शैल वर्मा ने किया। प्रो. अमिता शर्मा ने अरावली के वर्तमान स्वरूप, बढ़ते दोहन और उसके पर्यावरणीय प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

गिरीश शुक्ला ने प्राचीन भारतीय परंपरा में प्रकृति पूजन की अवधारणा का उल्लेख करते हुए अरावली के भौगोलिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने खनन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर चिंता जताई। जागरूक नागरिक संगठन के समन्वयक डॉ. एके शुक्ला ने भारतीय परंपरा में प्रकृति संरक्षण के दृष्टिकोण और अरावली के पौराणिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने मरुस्थलीकरण की संभावनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रकृति के संरक्षण का आह्वान किया।

डॉ. एसपी सिंह ने प्राकृतिक आपदाओं और पर्यावरणीय असंतुलन के बढ़ते प्रभावों का उल्लेख करते हुए अरावली जैसी प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को आवश्यक बताया। छात्रा दानिया ने अरावली के पर्यावरणीय महत्व पर विचार रखे, जबकि कुमारी मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर की मीनाक्षी तोमर ने अरावली के पर्यावरणीय महत्व और उसके प्राकृतिक वाटर व एयर फिल्टर के रूप में योगदान पर प्रकाश डाला। बीकॉम छात्रा मिस्कत ने कहा कि विकास की वास्तविक कीमत प्रकृति के दोहन से नहीं चुकाई जानी चाहिए।

इससे पहले 7 सितंबर को आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में करीब 53 विद्यार्थियों ने प्रविष्टियां भेजीं, जबकि 11 सितंबर के ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में करीब 15 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में सीसीएसयू, सुभारती विश्वविद्यालय, शोभित विश्वविद्यालय, एनएएस कॉलेज, मेरठ कॉलेज, कुमारी मायावती राजकीय महिला पीजी कॉलेज बादलपुर और महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

निबंध प्रतियोगिता में शोभित विश्वविद्यालय की अंजलि यादव ने प्रथम, कीर्ति रावत ने द्वितीय और हिमांशी भड़ाना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में मीनाक्षी तोमर ने प्रथम तथा आरजीपीजी कॉलेज की दानिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में प्रो. अनीता मलिक, डॉ. शैरी चौधरी और डॉ. मनीषा सिंघल शामिल रहीं। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वसुधा इको क्लब और जागरूक नागरिक एसोसिएशन के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूर्व में हुए समझौते का नवीनीकरण भी किया गया। भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। आयोजन सचिव शैल वर्मा सहित महाविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का सहयोग रहा।

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