अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद फिर बसपा से बाहर

मायावती ने कहा- ससुर का फैसला देर से आया, पार्टी की नीतियों के खिलाफ ‘डबल माइंड’ होकर काम कर रहे थे आकाश

लखनऊ, 10 सितंबर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को दोबारा पार्टी से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई आकाश आनंद के ससुर और पूर्व बसपा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के ऐलान के बाद हुई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के फैसले को देर से उठाया गया कदम बताया है।

दरअसल, एक दिन पहले मायावती ने आकाश आनंद की बसपा में वापसी और उन्हें दोबारा जिम्मेदारी देने को उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने से जोड़ दिया था। मायावती ने आरोप लगाया था कि अशोक सिद्धार्थ ने निजी स्वार्थ के चलते पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की अनदेखी की।

इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि वह करीब 35 वर्षों से बहुजन मिशन के लिए समर्पित रहे हैं और मायावती के निर्देश उनके लिए सर्वोपरि रहे हैं। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि वह आकाश आनंद को गुमराह कर रहे थे।

अब मायावती ने आकाश आनंद पर फिर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, मायावती ने आकाश के कामकाज और पार्टी लाइन से अलग रुख को लेकर नाराजगी जताई है। इससे बसपा में आंतरिक खींचतान और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह है कि 9 सितंबर को मायावती ने आकाश की वापसी की संभावना के लिए अशोक सिद्धार्थ के संन्यास को शर्त बनाया था, जबकि 10 सितंबर को आकाश पर फिर कार्रवाई की खबर सामने आई है।

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