आपका मंच, आपकी कहानी’ में दिखी प्रतिभा की चमक, विद्यार्थियों ने बिखेरा रचनात्मकता का रंग
26वें स्थापना दिवस से पहले कला, साहित्य और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के ऑडिशन; विज्ञान से लेकर मंच तक विद्यार्थियों ने दिखाया आत्मविश्वास
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आगामी 26वें स्थापना दिवस की तैयारियों के तहत कला, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के लिए उत्साहपूर्ण ऑडिशन आयोजित किए गए। ‘आपका मंच, आपकी कहानी’ थीम पर हुए चयन कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कक्षा और प्रयोगशाला से बाहर अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति, तर्कशक्ति और मंचीय प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
रंगों में उभरी महिला सशक्तिकरण की तस्वीर
ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता में ‘महिला सशक्तिकरण’ विषय पर विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। चित्रों में सामाजिक जागरूकता, समानता और नारी शक्ति के संदेश प्रभावी रूप से नजर आए। प्रतियोगिता में श्रवणा पी.एस. (तृतीय वर्ष) ने प्रथम, रिमझिम गुप्ता (प्रथम वर्ष) ने द्वितीय तथा वंश (चतुर्थ वर्ष) और सलोनी (तृतीय वर्ष) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
विकसित उत्तर प्रदेश और भारत 2047 पर रखे विचार
वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश एवं विकसित भारत-2047’ विषय पर अपने विचार रखे। अनुष्का सिंह, रोनित कांत, समर राजपूत, रवि शुक्ला और अंबिका श्रीवास्तव ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने विकास, नवाचार और 2047 के भारत की संभावनाओं पर अपने तर्क प्रस्तुत किए।
जैव प्रौद्योगिकी से विकसित भारत की राह
भाषण प्रतियोगिता का विषय ‘विकसित भारत के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (जैव प्रौद्योगिकी)’ रहा। विद्यार्थियों ने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में भारत के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रतियोगिता में अनुष्का सिंह, घनश्याम शर्मा, काव्या जोशी, उर्वशी सिंह, राशि शर्मा, वंशिका परमार, अंबिका श्रीवास्तव और रवि शुक्ला ने प्रतिभाग किया। वक्ताओं ने कहा कि 2047 का विकसित भारत युवाओं की वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मक क्षमता से आकार लेगा।
2 अक्टूबर को मुख्य समारोह में करेंगे प्रतिनिधित्व
चयन कार्यक्रम का आयोजन अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. सेंगर के नेतृत्व में तथा सांस्कृतिक सचिव डॉ. पंकज चौहान और डॉ. नीलेश कपूर के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में हुआ। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन निर्णायक मंडल ने किया।
डॉ. आर.एस. सेंगर ने विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि साहित्यिक, सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. नीलेश कपूर ने विजेताओं को बधाई देते हुए बताया कि चयनित विद्यार्थी 2 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले मुख्य विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह में जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि ऑडिशन ने यह साबित किया है कि महाविद्यालय के विद्यार्थी प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ मंच पर भी अपनी प्रतिभा और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में डॉ. आर.एस. सेंगर, डॉ. नीलेश कपूर, डॉ. पंकज चौहान, डॉ. संगीता शर्मा, यशवर्धन, श्रवणा, अनुष्का, काव्या, वंश सहित अन्य का सहयोग रहा।

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