आईआईएमटी में दीक्षारम्भ-2026-27, विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक की नई दिशा से कराया परिचित
भारतीय एवं प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियों को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया, इनोवेशन और स्टार्टअप की संभावनाओं पर भी चर्चा
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में नवप्रवेशित बीटेक एवं डिप्लोमा विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय दीक्षारम्भ-2026-27 अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, अकादमिक संसाधनों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और करियर के अवसरों से परिचित कराया गया।
सीएसआईआर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रोफेसर डॉ. पीकेएस चौहान ने विशेष व्याख्यान में भारतीय एवं प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियों को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया। उन्होंने विज्ञान, पारंपरिक ज्ञान और इंजीनियरिंग के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित करने पर जोर दिया।
कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, उत्कृष्टता और निरंतर सीखने की भावना के लिए प्रेरित किया। कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने अकादमिक शिक्षा के साथ इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, इन्क्यूबेशन और स्टार्टअप की संभावनाओं की जानकारी दी।
डीन डॉ. पंकज सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संचालित हुआ। विभागाध्यक्ष प्रथम वर्ष कुलदीप सिंह ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अनुशासन, संचार कौशल, खेल और नैतिक मूल्यों को विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। आयोजन में आदित्य यादव, डॉ. भास्कर गर्ग, डॉ. अनुराधा, डॉ. अश्वनी सिंह, पंकज कुमार, मनीष, अनंत, दीपाली, अंतिम, गरिमा सहित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का सहयोग रहा।


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