छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा का झारखंड बंद का ऐलान, JPSC-JSSC आंदोलन ने पकड़ा राजनीतिक रंग
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने के बाद भाजपा ने इसके विरोध में 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी ने लाठीचार्ज की कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदेशव्यापी बंद का ऐलान किया।
विधानसभा गेट तक पहुंचे छात्र, सड़क पर दिया धरना
सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंच गए। यहां छात्रों ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक मुख्यमंत्री उनकी मांगों को नहीं सुनते और समाधान का भरोसा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बैरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग
रांची सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 90 फीसदी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भीड़ की चपेट में आए और उन पर पत्थरबाजी भी हुई।
एसपी ने कहा कि पुलिस ने संयम बरता और सीमित समय के लिए बल प्रयोग किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी
प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बीच छात्र नेता एवं जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पुलिसकर्मी एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल से ले गए। उनके अस्पताल में भर्ती होने की बात सामने आई है, हालांकि उनकी स्थिति और उन्हें कहां ले जाया गया, इसकी तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
महतो पहले भी आंदोलन के दौरान सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि छात्रों की मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार
इसी बीच JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रही जांच में इसे अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
सीआईडी की जांच के तहत JPSC मुख्यालय में छापेमारी भी हो चुकी है। पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी ने छात्र आंदोलन के बीच इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
राहुल गांधी और मनोज झा ने भी उठाए सवाल
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया और सरकार से छात्रों की समस्याओं का बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
वहीं, RJD सांसद मनोज झा ने भी सरकार पर छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
अब आंदोलन के साथ बंद की चुनौती
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है। विधानसभा घेराव, पुलिस लाठीचार्ज, छात्र नेता की तबीयत बिगड़ने और JPSC के पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।
अब 11 अगस्त का झारखंड बंद सरकार के लिए अगली बड़ी चुनौती होगा। बंद के दौरान कानून-व्यवस्था और सामान्य जनजीवन बनाए रखना प्रशासन के सामने अहम चुनौती रहेगी।


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