वेंक्टेश्वरा संस्थान में कांवड़ियों की सेवा के लिए भंडारा और चिकित्सा शिविर शुरू
मेरठ। पवित्र सावन माह के अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में कांवड़ियों की सेवा के लिए विशाल भंडारे, हवन, विशेष पूजा और चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। दौराला के समीप आयोजित यह 21वां विशाल भंडारा एवं चिकित्सा शिविर शिवरात्रि तक लगातार चलेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, उनके पिता शिव कुमार गिरि, मुख्य सेवादार आचार्य पंडित दीपक शर्मा, डॉ. पंकज चौधरी और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा ने महादेव की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। इस दौरान विधिवत पूजा-अर्चना और हवन कर विश्व कल्याण की कामना की गई।
संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने सपरिवार एवं वेंक्टेश्वरा परिवार के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि महादेव की भक्ति मनुष्य को ज्ञान, ध्यान, बल, बुद्धि, शिक्षा, संस्कार और पुरुषार्थ के क्षेत्र में श्रेष्ठ बनने की प्रेरणा देती है। महादेव की आराधना से सर्वजगत का कल्याण होता है और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।मुख्य सेवादार आचार्य पंडित दीपक शर्मा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ से बड़ा कोई देव नहीं है। वह अपने भक्तों से केवल श्रद्धा और समर्पण चाहते हैं। शिव की आराधना मनुष्य को अज्ञानता, भय, क्रोध, भ्रम, मोह और लोभ के बंधनों से मुक्त कर ज्ञान, बल और बुद्धि के प्रकाश की ओर ले जाती है।
कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं और शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं चिकित्सा शिविर में कांवड़ियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार भंडारा और चिकित्सा शिविर शिवरात्रि तक अनवरत जारी रहेगा।
इस अवसर पर प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कांत दवे, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पांडेय, वित्त निदेशक युवराज सिंह, मेरठ परिसर निदेशक डॉ. पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा, मयंक अग्रवाल समेत वेंक्टेश्वरा परिवार के अनेक सदस्य मौजूद रहे।




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