बुर्के में कांवड़ उठाने पर संभल प्रशासन सख्त, तमन्ना मलिक को नोटिस; पति बोले- 'पोशाक पहनना उनका निजी फैसला'
महाशिवरात्रि पर बुर्के में कांवड़ यात्रा के बाद चर्चा में आई थीं तमन्ना मलिक, इस बार यात्रा से पहले एसडीएम कोर्ट ने दोनों को भेजा नोटिस
संभल। महाशिवरात्रि के मौके पर बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने के बाद सुर्खियों में आईं तमन्ना मलिक को इस बार कांवड़ यात्रा से पहले संभल प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने तमन्ना से बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि इससे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासन ने इसे किसी की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाने की कार्रवाई के बजाय एहतियाती कदम बताया है।
महाशिवरात्रि पर बुर्के में उठाई थी कांवड़
तमन्ना मलिक ने इसी साल महाशिवरात्रि के अवसर पर अपने पति अमन त्यागी के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर यात्रा की थी। इस दौरान बुर्के में कांवड़ उठाते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
इसके बाद मामला काफी चर्चा में आया था। तमन्ना को कथित तौर पर कुछ मौलानाओं की ओर से धमकियां भी मिली थीं। उनके पति अमन त्यागी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद धमकी देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
शादी की मन्नत पूरी होने पर उठाई थी कांवड़
तमन्ना ने बताया था कि उन्होंने अमन त्यागी से शादी की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा की। तमन्ना संभल के बदनपुर बसई गांव की रहने वाली हैं और करीब चार साल पहले उन्होंने गांव के ही हिंदू युवक अमन त्यागी से शादी की थी।
एसडीएम कोर्ट ने दोनों को भेजा नोटिस
प्रस्तावित कांवड़ यात्रा से पहले संभल के उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस जारी किया। नोटिस मिलने के बाद अमन त्यागी अपने वकीलों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपना जवाब दाखिल किया।
सुनवाई के बाद अमन त्यागी ने कहा कि कांवड़ यात्रा उनके लिए धार्मिक आस्था का विषय है और वह अपनी पत्नी के साथ यात्रा करेंगे।
'बुर्का पहनना तमन्ना का व्यक्तिगत फैसला'
अमन त्यागी ने प्रशासन के नोटिस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान तमन्ना बुर्का पहनें या कोई अन्य पोशाक, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताया।
प्रशासन ने बताया एहतियाती कार्रवाई
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि नोटिस का मकसद तमन्ना की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी संभावित विवाद, तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन की आपत्ति के बावजूद क्या तमन्ना मलिक इस बार भी बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करेंगी? इस पर उनकी ओर से आगे का कदम महत्वपूर्ण होगा।


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