भारतीय फर्नीचर बाजार को वैश्विक खरीदारों से जोड़ेगा आईएमएम इंडिया

1 से 3 सितंबर तक यशोभूमि में लगेगा बड़ा व्यापार मेला, 100 से अधिक निर्यात-तैयार प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद

अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और यूएई समेत 14 से अधिक देशों के खरीदारों से सीधे जुड़ेंगे भारतीय कारोबारी

मेरठ। भारतीय फर्नीचर और इंटीरियर उद्योग में बढ़ती घरेलू मांग और डिजाइन-केंद्रित उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच आईएमएम इंडिया 2026 भारतीय निर्माताओं और वैश्विक खरीदारों को एक मंच पर लाने की तैयारी में है। कोएल्नमेस्से की ओर से आयोजित यह व्यापार मेला 1 से 3 सितंबर तक यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

मेले में फर्नीचर, होम डेकोर, कालीन एवं दरियां, गद्दे, सरफेस, किचन सॉल्यूशंस और हस्तनिर्मित कलेक्शंस समेत इंटीरियर उद्योग से जुड़ी विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों, डिजाइनरों, रिटेल कारोबारियों, हॉस्पिटैलिटी खरीदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को एक साझा कारोबारी मंच उपलब्ध कराना है।

2031 तक 45.52 अरब डॉलर का हो सकता है बाजार

उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय फर्नीचर बाजार का आकार 2026 में करीब 31.51 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है। इसके 7.63 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 2031 तक 45.52 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

बाजार में इस संभावित वृद्धि से भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों के लिए घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नए अवसर बनने की उम्मीद है।

‘वैश्विक मांग से जुड़े भारतीय निर्माता’

कोएल्नमेस्से के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा कि आईएमएम इंडिया वैश्विक फर्नीचर और इंटीरियर उद्योग में भारत की क्षमता को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। उनका कहना है कि आयोजन के जरिए भारतीय निर्माताओं को वैश्विक मांग से जोड़ने, डिजाइन और कारोबार के बीच बेहतर तालमेल बनाने और दीर्घकालिक कारोबारी साझेदारियां विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

हैंडलूम हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि आयएमएम इंडिया के साथ साझेदारी से भारतीय हस्तशिल्प और होम डेकोर निर्यातकों के लिए नए कारोबारी एवं निर्यात अवसर पैदा होंगे। इससे भारतीय निर्यातकों की वैश्विक दृश्यता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी।

जोधपुर हैंडिक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत दिनेश ने कहा कि व्यापार मेला भारतीय डिजाइन और विनिर्माण क्षमता को वैश्विक खरीदारों के सामने प्रदर्शित करने का केंद्रित मंच देगा। इससे अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

14 से अधिक देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे कारोबारी

आयोजकों के अनुसार जोधपुर, मुरादाबाद, करूर और सहारनपुर जैसे प्रमुख विनिर्माण केंद्रों से 100 से अधिक निर्यात-तैयार प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है। इन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और यूएई समेत 14 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आने वाले होस्टेड खरीदारों के साथ सीधे कारोबारी संपर्क का अवसर मिलेगा।

आयोजन को एसोसिएशन ऑफ फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया, जोधपुर हैंडिक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन और हैंडलूम हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन समेत उद्योग के कई प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है।

8.29 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है हस्तशिल्प बाजार

भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र भी वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। अनुमान के मुताबिक भारतीय हस्तशिल्प बाजार 6.13 प्रतिशत CAGR से बढ़कर 2034 तक 8.29 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में गैर-कालीन हस्तशिल्प का निर्यात 15,855 करोड़ रुपये, जबकि कालीन का निर्यात 12,887 करोड़ रुपये रहा। उद्योग से जुड़े इन आंकड़ों को भारतीय हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की वैश्विक मांग में बढ़ोतरी का संकेत माना जा रहा है।

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