आचार्यश्री सौरभ सागर महाराज का मेरठ में भव्य मंगल प्रवेश
"संत नहीं, हमारे भीतर धर्म, संस्कार और समर्पण का आगमन हो"—मंगल प्रवचन में दिया संदेश
शोभायात्रा दिल्ली रोड स्थित श्रीराम पैलेस से प्रारंभ होकर शारदा रोड, मेट्रो प्लाजा और रेलवे रोड होते हुए जैन बोर्डिंग हाउस पहुंची। यात्रा मार्ग को तोरण द्वारों से सजाया गया था। ऊंट, घोड़े, बैंड-बाजे और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ आचार्यश्री का स्वागत किया। मार्ग में करीब 32 स्थानों पर जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं एवं शाखाओं ने उनका अभिनंदन किया।
जैन बोर्डिंग हाउस में आयोजित मंगल प्रवचन में आचार्यश्री सौरभ सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास केवल किसी संत के आगमन का अवसर नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर धर्म, संस्कार और समर्पण के जागरण का समय है। उन्होंने कहा कि समाज को मोमबत्ती की तरह तुरंत पिघलने के बजाय अगरबत्ती की तरह धीरे-धीरे अपने सद्गुणों की सुगंध चारों ओर फैलानी चाहिए।
उन्होंने "एक समाज, एक आवाज" का संदेश देते हुए समाज में एकता, सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चातुर्मास के बाद समाज में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के अध्यक्ष एवं पुष्प वर्षा योग समिति के चेयरमैन सुरेश जैन ऋतुराज ने घोषणा की कि 4 अगस्त से 11 अगस्त तक जैन बोर्डिंग हाउस में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 19 अगस्त को भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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