मेरठ में चार ब्रांड की मच्छर अगरबत्तियों पर चेतावनी

कृषि विभाग ने बिक्री-भंडारण तुरंत रोकने के आदेश दिए

 मेरठ। कृषि विभाग ने आम जनता, कीटनाशी विक्रेताओं, पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर्स, किराना दुकानदारों और गोदाम संचालकों के लिए एडवाइजरी जारी की। विभाग ने 1 जुलाई को दोपहर 3 बजे Sweet Night, Dinosaur, Shree Denque Killer और Comfort ब्रांड की मच्छर अगरबत्तियों के उपयोग, बिक्री और भंडारण से बचने की अपील की है। जांच में इन उत्पादों में अपंजीकृत कीटनाशकों के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद यह निर्देश जारी किए गए हैं।

जांच में मिले अपंजीकृत कीटनाशक

जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न राज्यों की राजकीय प्रयोगशालाओं और भारत सरकार की केंद्रीय प्रयोगशालाओं की जांच में इन अगरबत्तियों में डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) और मेपरफ्लुथ्रिन (Meperfluthrin) जैसे अपंजीकृत कीटनाशकों का इस्तेमाल पाया गया है। यह कीटनाशी अधिनियम-1968 और कीटनाशी नियमावली-1971 का उल्लंघन है।

हर्बल बताकर बेचे जा रहे थे उत्पाद

विभाग के अनुसार, इन अगरबत्तियों का प्रचार हर्बल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पाद के रूप में किया जा रहा था, जबकि जांच में इनमें रासायनिक कीटनाशकों की मौजूदगी मिली। इसे उपभोक्ताओं के साथ भ्रामक प्रचार माना गया है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर

कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि इन रसायनों के लगातार संपर्क में रहने से फेफड़ों, मस्तिष्क, किडनी, पेट और हृदय से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विभाग ने लोगों से केवल अधिकृत और मानक कीटनाशी उत्पादों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।

बिक्री और भंडारण तत्काल बंद करने के निर्देश

विभाग ने सभी कीटनाशी विक्रेताओं, पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर्स, किराना दुकानदारों और गोदाम संचालकों को इन चारों ब्रांड की अगरबत्तियों का क्रय-विक्रय और भंडारण तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय निरीक्षण के दौरान यदि प्रतिबंधित ब्रांड के उत्पाद मिले, तो संबंधित के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम-1968 और कीटनाशी नियमावली-1971 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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