पहली बार राममंदिर की बैठक लीड नहीं करेंगे चंपत राय

कल  उनके ही इस्तीफे पर होगा फैसला; 5 पॉइंट पर होगी चर्चा

अयोध्या। अयोध्या श्रीराम ट्रस्ट की  कल होने वाली बैठक कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि लीड करेंगे। बैठक मणिराम दास छावनी में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में होगी।बतौर ट्रस्टी चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को भी इस बैठक में बुलाया गया है। इसमें ट्रस्ट के सदस्य बहुमत के आधार पर निर्णय लेंगे कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर किया जाए या नहीं?

5 फरवरी, 2020 को बने श्रीराम तीर्थ मंदिर क्षेत्र ट्रस्ट की हर बैठक को महासचिव चंपत राय ही लीड करते थे। बैठक बुलाने की अधिकृत सूचना देने से लेकर एजेंडा तक की जानकारी वही देते थे।श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों में घिरे महासचिव चंपत राय ने बीते 26 जून को इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया था। दोनों इस्तीफों की पुष्टि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने की थी। इसी आपात स्थिति को लेकर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को बैठक बुलाई है।

अब कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की भूमिका बढ़ी

चंपत राय के इस्तीफा देने के बाद से कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की भूमिका बढ़ गई है। 6 जुलाई की बैठक का लेटर भी उन्होंने ही जारी किया। ये लेटर सभी ट्रस्टियों को भेजा गया है। मणिराम दास छावनी में दोपहर 3 बजे 5 महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा होगी…

महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार होगा।

श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बनी SIT के शुरुआती रिपोर्ट की जानकारी रखी जाएगी।

मंदिर प्रबंधन आगे किस तरह पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा?

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय और अन्य वित्तीय विवरण की जानकारी रखी जाएगी। वित्तीय स्वीकृतियों पर निर्णय होगा।

ट्रस्ट अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय भी रखे जाएंगे।

ट्रस्ट में नए सदस्य को शामिल करने या हटाने का क्या है नियम

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए सदस्य को शामिल करने या हटाने के मुख्य नियम ट्रस्ट डीड, बायलॉज और Indian Trusts Act, 1882 के प्रावधानों पर आधारित हैं।ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हो सकते हैं। इनमें 3 पदेन और 12 आजीवन सदस्य थे। आजीवन ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का अगस्त, 2025 में निधन हो चुका है। इसके चलते एक पद पहले से खाली है। महासचिव चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा इस्तीफा दे चुके हैं।

ट्रस्टी को हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी

कोई ट्रस्टी, अगर ट्रस्ट के हितों के खिलाफ काम करता है, तो उसे दो-तिहाई बहुमत से हटाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए पहले ट्रस्टी को कारण बताओ नोटिस देना अनिवार्य है। उन्हें ट्रस्ट सदस्यों के सामने अपना पक्ष रखने का मौका देना होगा। फिर ट्रस्ट इस पर अपना निर्णय लेता है।

इसी तरह किसी ट्रस्टी के इस्तीफा देने का भी नियम तय है। ट्रस्टी कम से कम 1 महीने का लिखित नोटिस देकर इस्तीफा दे सकता है। सिर्फ इस्तीफा भर देने से पद समाप्त नहीं होता। ट्रस्ट इसे रिकॉर्ड करता है और अगली बैठक में विचार करके स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है।

मतलब कल को होने वाली बैठक में ट्रस्टी चंपत राय और डॉ अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार या अस्वीकार दोनों किया जा सकता है। वर्तमान में बचे हुए 12 ट्रस्टी मिलकर इस पर निर्णय लेंगे। दो-तिहाई बहुमत के लिए 8 सदस्यों का किसी एक बिंदु पर सहमत होना जरूरी होगा।

नए ट्रस्टी को शामिल करना, ये ट्रस्ट बोर्ड का अधिकार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में किसी नए सदस्य को शामिल करने का भी प्रावधान तय है। इस पर भी निर्णय ट्रस्ट बोर्ड को लेना होगा। सिर्फ केंद्र और राज्य सरकार की ओर से नामित सदस्यों पर ही बोर्ड की अधिक भूमिका नहीं रहती है।सिर्फ एक शर्त है कि स्थायी या नामित सदस्य हिंदू धर्मावलंबी हो। नए सदस्य का चयन ट्रस्ट डीड और Indian Trusts Act (धारा 73-74) के अनुसार दो-तिहाई बहुमत के आधार पर ही हो सकता है।

कब बुला सकते हैं ट्रस्ट की बैठक

ट्रस्ट की बैठक बुलाने का प्रावधान भी महासचिव को सौंपा गया है। सिर्फ विशेष स्थिति में अन्य जिम्मेदार सदस्य को ये जिम्मेदारी सौंपने का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत महासचिव चंपत राय की बजाय कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है।बोर्ड को ट्रस्ट डीड में संशोधन करने का भी अधिकार है, हालांकि मूल ढांचे को सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले और कानूनों के अनुरूप ही रखना होगा।

ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ अनिल मिश्रा को भी आमंत्रण

ट्रस्ट बोर्ड से भले ही चंपत राय और डॉ अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन, इस्तीफा स्वीकार होने तक वे तकनीकी रूप से ट्रस्टी माने जाएंगे। यही कारण है कि ट्रस्ट की बैठक में उन्हें भी बुलावा भेजा गया है।

ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास भी इलाज कराकर लखनऊ से अयोध्या लौट चुके हैं। उनकी सेहत में सुधार है। 6 जुलाई की बैठक उनके निवास स्थित मणिराम दास छावनी में रखी गई है। बैठक की अध्यक्षता वे ही करेंगे।

बीमार होने के चलते संस्थापक ट्रस्ट सदस्य के. परासरण शायद ही अयोध्या आ सकें। ऐसे में उनके ऑनलाइन बैठक में शामिल होने की बात सामने आई है। इसी तरह यदि किसी कारण दूसरे सदस्य भी अयोध्या नहीं पहुंच पाएंगे तो, वे भी ऑनलाइन इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।

ट्रस्ट की बैठक में ये अन्य ट्रस्टी होंगे शामिल

पदाधिकारी                   पद

त नृत्य गोपाल दास           अध्यक्ष

स्वामी गोविंद देव गिरी कोषाध्यक्ष

नृपेंद्र मिश्रा                  पदेन सदस्य (अध्यक्ष निर्माण समिति)

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वत  सदस्य

स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ         सदस्य

परमानंद गिरि                सदस्य

कृष्ण मोहन                सदस्य

महंत दिनेंद्र दास     सदस्य (महंत निर्मोही अखाड़ा)

प्रशांत लोखंडे            पदेन सदस्य (केंद्र सरकार की ओर से नामित)

संजय प्रसाद           पदेन सदस्य 

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