हाईटेक निगरानी में होगी कांवड़ यात्रा
हांगकांग से मंगाई गई मशीनों और हाई-डेफिनेशन कैमरों से कांवड़ मार्गों की डिजिटल मॉनिटरिंग
मेरठ, 26 जुलाई।
मेरठ में इस वर्ष कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त बनाया गया है। पुलिस लाइन स्थित एकीकृत केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से कांवड़ मार्गों की 24 घंटे डिजिटल निगरानी की जाएगी। इसके लिए हांगकांग से मंगाई गई विशेष मशीनों की सहायता से हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।
प्रशासन के अनुसार, मेरठ जिले के 150 किलोमीटर से अधिक कांवड़ मार्ग को हाई-डेफिनेशन कैमरों से कवर किया गया है। वर्तमान में 250 कैमरे सक्रिय हैं, जिनकी संख्या यात्रा शुरू होने तक 300 करने की योजना है। इन कैमरों के माध्यम से मुजफ्फरनगर सीमा से दिल्ली सीमा तक पूरे मार्ग पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल कंट्रोल रूम में लगी विशेष मशीनों की मदद से सभी कैमरों की लाइव निगरानी की जा सकेगी। भविष्य में इस प्रणाली में फेस रिकग्निशन तकनीक जोड़ने की भी योजना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।
आईसीसीसी कंट्रोल रूम में 24 घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी और आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में विशेषज्ञ कर्मी निगरानी करेंगे। कंट्रोल रूम में लैंडलाइन और वायरलेस संचार व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।
यात्रा के दौरान समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम में पुलिस के साथ लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, फूड सेफ्टी, सिंचाई, पंचायती राज, ट्रैफिक और अग्निशमन विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। किसी भी समस्या की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
आईसीसीसी प्रभारी इंस्पेक्टर नजीर अली खान के अनुसार, कांवड़ियों के जिले में प्रवेश से लेकर बाहर निकलने तक पूरे मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी। एक क्लिक पर पूरे क्षेत्र की लाइव तस्वीर कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर उपलब्ध होगी, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।


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