कोर ऑफ सिग्नल्स ने अटल टनल में विश्व रिकॉर्ड बनाया
10 राइडर्स ने दो बाइक पर 9.8 किमी टनल पार की
यह अभियान कारगिल विजय दिवस को समर्पित है
मेरठ। भारतीय सेना के कोर आफ सिग्नल्स की ओर से मेरठ छावनी से शुरू किया गया ‘व्हील्स ऑफ वेलोर: संचार शक्ति’ मोटरसाइकिल अभियान अब इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया है। अभियान के तहत कोर ऑफ सिग्नल्स की डेयर डेविल्स टीम ने विश्व की सबसे लंबी 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित राजमार्ग सुरंग अटल टनल रोहतांग में अद्भुत साहसिक प्रदर्शन करते हुए नया विश्व रिकॉर्ड प्रयास पूरा किया।
कारगिल विजय दिवस को समर्पित इस अभियान के तहत 10 राइडर्स ने केवल दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 9.8 किलोमीटर लंबी अटल टनल को मात्र 9 मिनट 47.97 सेकंड में पार किया। समुद्र तल से 10,075 फीट की ऊंचाई पर किया गया यह प्रदर्शन भारतीय सेना की अद्वितीय पेशेवर दक्षता, साहस, संतुलन, समन्वय, धैर्य और टीम भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
टीम की अगुवाई कोर आफ सिग्नल्स के मेरठ छावनी स्थित 2 आर्मी हेडक्वार्टर सिग्नल रेजिमेंट के कमान अधिकारी कर्नल सुमित भारद्वाज कर रहे हैं। सेना की ओर से यह विश्व रिकॉर्ड प्रयास कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे साहसिक अभियानों की श्रृंखला का पहला प्रमुख पड़ाव है।
डेयर डेविल्स टीम ने पिछले कई महीनों तक कठिन प्रशिक्षण, तकनीकी अभ्यास और विस्तृत योजना के बाद इस चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन को सफल बनाया। यह उपलब्धि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, बलिदान और गौरवशाली सैन्य परंपराओं को समर्पित है।
सुरक्षा मानकों का रखा गया पूरा ध्यान
विश्व रिकॉर्ड प्रयास के दौरान सभी सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में किया गया, जिससे डेयर डेविल्स टीम के साथ-साथ अटल टनल से गुजरने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित रही। इस आयोजन ने भारतीय सेना की अनुशासित एवं सुरक्षित कार्यशैली का भी उत्कृष्ट परिचय दिया।
इन संस्थाओं के सहयोग से बना रिकॉर्ड
कोर ऑफ सिग्नल्स ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन मनाली, हिमाचल प्रदेश पुलिस, महानिदेशक सीमा सड़क संगठन (डीजीबीआर), प्रोजेक्ट योजक, प्रोजेक्ट दीपक और 38 बार्डर रोड्स टास्क फोर्स (38 बीआरटीएफ) का विशेष आभार व्यक्त किया। सेना के अनुसार इन सभी संस्थाओं के समन्वय और सहयोग से यह विश्व रिकार्ड प्रयास सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
सेना की साहसिक सोच का प्रतीक
भारतीय सेना के अनुसार यह उपलब्धि कोर ऑफ सिग्नल्स के गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय है। यह सिग्नल ऑफिसर-इन-चीफ (एसओ-इन-सी) के दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाली सोच का परिणाम है। साथ ही यह थल सेनाध्यक्ष की उस व्यापक पहल के अनुरूप है, जिसके तहत सेना में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर सैनिकों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, नेतृत्व कौशल, टीम भावना और परिचालन दक्षता को और मजबूत किया जा रहा है।
युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जगा रहा अभियान
‘व्हील्स ऑफ वेलोर : संचार शक्ति’ अभियान केवल साहसिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। यह देशभर में युवाओं, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के बीच राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी पहुंचा रहा है। अभियान के दौरान युद्ध स्मारकों, सैन्य प्रतिष्ठानों, संचार केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से भारतीय सेना और कोर ऑफ सिग्नल्स के योगदान से समाज को परिचित कराया जा रहा है और युवाओं को सेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
भारतीय सेना का कहना है कि अटल टनल में किया गया यह विश्व रिकॉर्ड प्रयास केवल एक साहसिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सेना की व्यावसायिक उत्कृष्टता, अनुशासन, नवाचार और अटूट टीम भावना का प्रतीक है। यह उपलब्धि कोर ऑफ सिग्नल्स के आदर्श वाक्य ‘स्विफ्ट, सिक्योर एंड कनेक्टेड’ को भी साकार करती है और राष्ट्र सेवा के प्रति उसके अटूट संकल्प को नई ऊंचाई प्रदान करती है।


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