मेरठ कॉलेज मेरी धर्म और कर्मभूमि, संस्था और संकाय सर्वोपरि धर्म : प्रो. अशोक अग्रवाल

मेरठ, 21 जुलाई। मेरठ कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (मेक्टा) की ओर से मंगलवार को 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए सात शिक्षकों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रो. अशोक कुमार अग्रवाल, प्रो. आर.सी. आर्य, प्रो. अमरजीत सिंह मलिक, प्रो. एच.के. पांडे, प्रो. लवलता सिंधु, प्रो. रामयज्ञ मौर्य और प्रो. कल्पना मित्तल को प्रतीक चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा, शिक्षण योगदान और उपलब्धियों को स्मरण करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

समारोह की मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ. संगीता गुप्ता ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। कार्यक्रम का संचालन मेक्टा की सांस्कृतिक सचिव डॉ. श्वेता जैन ने किया। मेक्टा अध्यक्ष प्रो. प्रगति रस्तोगी और सचिव प्रो. आनंदवीर सिद्धू ने सभी अतिथियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर वाणिज्य संकाय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार अग्रवाल ने कहा, "मेरठ कॉलेज मेरी धर्म और कर्मभूमि है तथा संस्था और संकाय ही सर्वोपरि धर्म हैं।" उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का स्मरण करते हुए कहा कि कर्म ही ईश्वर का स्वरूप है। अपने 33 वर्षों के सेवाकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस अवधि में महाविद्यालय ने शिक्षा, शोध और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1958 में स्थापित मेरठ कॉलेज का वाणिज्य संकाय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वाणिज्य शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान रखता है। मेरठ के खेल, कैंची और आभूषण उद्योग सहित विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों को अकादमिक आधार प्रदान करने में संकाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान की 33 वर्षों तक सेवा करना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।

समारोह में प्रो. रेखा राणा, प्रो. पंजाब मलिक, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. अतुल यादव, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. अर्चना सिंह सहित महाविद्यालय के बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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