कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, एडीजी बोले—श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ आम जनजीवन भी रहे सुचारु

सीसीटीवी, ड्रोन और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी, 184 जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात

मेरठ। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं।  पुलिस लाइन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आम जनजीवन और यातायात अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

बैठक में डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।

एडीजी भानु भास्कर ने निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। कंट्रोल रूम से भी सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग होगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल स्टेशनों और अन्य प्रमुख मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ियों की सुविधा के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही भी यथासंभव सुचारु बनी रहे। इसके लिए समय से प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कांवड़ मार्गों पर लगने वाले शिविरों का नियमित निरीक्षण करने तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिले में 184 जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। यात्रा शुरू होने से लेकर जलाभिषेक तक ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने अधिकारियों की दो पालियों में ड्यूटी लगाई है। शहर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट एवं चारों एसीएम सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी निभाएंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे। किसी भी आपात स्थिति में यही अधिकारी मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

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