डायरिया के प्रति जन जागरूकता के लिए प्रचार वाहन रवाना

नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ ने दिखाई हरी झंडी

कहा- बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

डायरिया रोको अभियान में पीएसआई इंडिया व केनव्यू कर रहे सहयोग  

मुजफ्फरनगर, 17 जुलाई। डायरिया के प्रति जन जागरूकता के लिए शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से प्रचार वाहनों को रवाना किया। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर समुदाय को शून्य से पांच साल तक के बच्चों में डायरिया के लक्षण, कारण और बचाव आदि के बारे में प्रचार-प्रसार करेंगे। इसके साथ ही जन जागरूकता रैली भी निकाली गयी। इसके माध्यम से भी जन-जन तक बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के प्रमुख सन्देश पहुंचाने की कोशिश हुई।

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के लिए जन जागरूकता बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डायरिया के प्रति जागरूकता सम्बन्धी संदेशों वाले पोस्टर-बैनर से सुसज्जित यह प्रचार वाहन जन-जन तक डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने का संदेश पहुंचाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिले में इस समय डायरिया रोको अभियान चलाया जा रहा है। डायरिया रोको अभियान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू भी “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य बच्चों में डायरिया की रोकथाम, ओआरएस व जिंक के उपयोग को प्रोत्साहन और समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि बारिश और उमस में बच्चा डायरिया की चपेट में कई कारणों से आ सकता है, जैसे- दूषित जल पीने से, दूषित हाथों से भोजन बनाने या बच्चे को खाना खिलाने, खुले में शौच करने या बच्चों के मल का ठीक से निस्तारण न करने आदि से। इसलिए शौच और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद, भोजन बनाने और खिलाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें। डायरिया का सही इलाज ओआरएस का घोल और जिंक के टेबलेट हैं, जिन्हें उम्र के अनुसार निश्चित अवधि तक जरूर दें। उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हो तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए, साथ ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए।

इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अलका सिंह, जिला शिक्षा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गीतांजलि, पीएसआई इंडिया प्रतिनिधि सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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