सरकार ने छात्रों की मांगों पर दिया आश्वासन

एफआईआर वापसी, मुआवजा और परीक्षा सुधार पर बनी सहमति

नई दिल्ली। नीट परीक्षा विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई। संगठन के नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है और तय समय सीमा में कार्रवाई का भरोसा दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और एफआईआर की वापसी, नीट विवाद में प्रभावित परिवारों को मुआवजा तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार शामिल थे।

एफआईआर वापस लेने पर सहमति

संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सरकार ने सहमति जताई है। सरकार ने सभी मामलों की जानकारी उपलब्ध कराने और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पीड़ित परिवारों को मुआवजे का आश्वासन

नीट विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर सरकार ने कहा कि मौजूदा नियमों और कानूनों के तहत प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक सहायता दी जाएगी।

परीक्षा सुधारों पर होगी चर्चा

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए छात्रों के सुझावों पर विचार किया जाएगा और आगे भी संवाद जारी रहेगा।

आगे की रणनीति

सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच चार सप्ताह बाद दोबारा बैठक होगी। इसमें परीक्षा सुधारों और अन्य मुद्दों पर आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी।

केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए संसद में विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की मांग उठाई।

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