अयोध्या चढ़ावा प्रकरण पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
मेरठ। अयोध्या चढ़ावा प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को मेरठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की।
अभय दुबे ने कहा कि जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था, तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही किसकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ सही था, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए। उन्होंने यह भी पूछा कि करोड़ों रामभक्तों को यह जवाब कौन देगा कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ किया गया विश्वासघात है। अभय दुबे ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल राय को हटाए जाने और उनकी स्थिति को लेकर भी गंभीर भ्रम और विरोधाभास सामने आए हैं।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्णमोहन को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया, जबकि उन पर पूरे प्रकरण को दबाने और लीपापोती करने के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए जा चुके हैं। कांग्रेस ने 22 जनवरी 2024 को हुए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम में हुए खर्च पर भी सवाल उठाए।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही अब तक तय नहीं की गई है। उनका कहना था कि डबल इंजन सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस ने मांग की कि पूरे प्रकरण की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि तथ्यों का खुलासा हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, प्रवक्ता हरिकिशन वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला, पूर्व शहर अध्यक्ष जाहिद अंसारी, प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी, सलीम खान तथा विनोद सोनकर सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।


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