अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को दी दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता

 पीड़ित परिवार दिल्ली एयरपोर्ट पर सपा सुप्रीमो से मिला 

नई दिल्ली/मेरठ। मेरठ में छात्रा की हत्या के मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पीड़ित छात्रा की मां से मुलाकात कर उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।इकरा हसन ने पीड़ित परिवार की मुलाकात अखिलेश यादव से कराई। इस दौरान अखिलेश यादव ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

छात्रा की हत्या के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न राजनीतिक दल इस घटना को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज हो रही है।

 शनिवार को पीड़ित परिवार ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान कैराना सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मामले में नामजद आरोपियों पर अपेक्षाकृत हल्की धाराएं लगाई गईं, जबकि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाने में सरकार विफल रही है।

उधर, शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया, जिसके बाद वह समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद टोल प्लाजा स्थित नियंत्रण कक्ष में उनकी पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई गई।धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को संसद के आगामी मानसून सत्र में भी उठाया जाएगा।

धरना समाप्त होने के बाद आजाद समाज पार्टी के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ाने, निष्पक्ष जांच कराने, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की दोबारा जांच, आवश्यकता पड़ने पर गंभीर धाराएं जोड़ने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, आर्थिक सहायता और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न की जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मांगों के बाद पीड़ित परिवार के घर पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर सुरक्षा बढ़ा दी है।छात्रा हत्याकांड को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

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