राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय की छूटटी, बजरंग बांगडा होंगे नये महासचिव 

अब रामलला के खजाने और प्रबंधन की पूरी कमान होगी,चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, 

 अयोध्या। सोमवार को अयोध्या के मणिराम की छावनी में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय की छुटटी हो गयी है। उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। अब राम मंदिर ट्रस्ट बजरंग बांगड़ा  महासचिव चुने गए है।  

 राम मंदिर में दान चोरी के भारी बवाल के बीच सोमवार, 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वर्तमान महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को आधिकारिक रूप से मंजूर कर लिया। चंपत राय की विदाई के साथ ही ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव  चुन लिया है।

राम मंदिर परिसर से मिली ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, नवनियुक्त महासचिव बजरंग लाल बागड़ा इस समय अयोध्या राम मंदिर परिसर क्षेत्र में ही मौजूद हैं. हालांकि, वे रणनीतिक और प्रशासनिक कारणों से सीधे तौर पर ट्रस्ट की इस बैठक में भाग नहीं ले रहे हैं. बताया जा रहा है कि औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद वे जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगे।

‘नाल्को’ के पूर्व सीएमडी और सीए हैं बजरंग बागड़ा

चंपत राय जैसे कद्दावर चेहरे की विदाई के बाद इतने जिम्मेदारी भरे और संवेदनशील पद के लिए बजरंग लाल बागड़ा को चुने जाने के पीछे उनकी अद्भुत प्रशासनिक क्षमता  है। वह भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन आने वाले देश के बेहद प्रतिष्ठित और ‘नवरत्न’ सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। कॉर्पोरेट और सरकारी महकमों को संभालने का उनका यह लंबा तजुर्बा राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को दुरुस्त करने में बेहद अहम साबित होगा।

राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं नए महासचिव

बजरंग लाल बागड़ा मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। वह पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। नाल्को  जैसी बड़ी सरकारी कंपनी में काम करने का एक लंबा अनुभव है। उन्होंने वहां से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी। नौकरी छोड़ने के बाद से ही वे पूरी तरह विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में सक्रिय हो गए।

बेदाग छवि

उनकी इसी सांगठनिक निष्ठा, बेदाग छवि और योग्यता को देखते हुए फरवरी 2024 में अयोध्या में ही आयोजित हुई विहिप की राष्ट्रीय बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से संगठन का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित किया गया था। बजरंग लाल बागड़ा को हिंदू समाज, धर्मांतरण विरोधी कानून, जनसंख्या नियंत्रण और देश भर के मंदिरों के धार्मिक-प्रशासनिक मामलों पर विहिप का पक्ष बेहद मजबूती, वैज्ञानिकता और तार्किक ढंग से रखने के लिए जाना जाता है। अब उनके महासचिव बनने से राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बड़े और पारदर्शी बदलाव देखने को मिलेंगे।

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