निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
दो घंटे तक चला विवाद, तीन थानों की पुलिस पहुंची; बिना पोस्टमार्टम शव लेकर गांव लौटे परिजन
मेरठ। गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में 30 वर्षीय मरीज की मौत के बाद सोमवार रात जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर मेडिकल, नौचंदी और सिविल लाइन थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को संभाला।
इंचौली थाना क्षेत्र के बहचौला गांव निवासी 30 वर्षीय अवनीश शर्मा पुत्र देवकरण शर्मा को रविवार को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। परिजनों के मुताबिक, उन्हें पहले मोदीपुरम के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सोमवार सुबह हालत गंभीर होने पर गढ़ रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने किडनी की समस्या बताते हुए डायलिसिस शुरू की थी। मृतक के रिश्तेदार विजय शर्मा के अनुसार, सोमवार शाम करीब पांच बजे तक अवनीश से उनकी बातचीत हुई थी। शाम करीब सात बजे चिकित्सक ने मरीज की हालत में सुधार की बात कहते हुए परिजनों को घर जाने की सलाह दी। आरोप है कि इसके करीब एक घंटे बाद अस्पताल की ओर से मरीज को हार्टअटैक आने और उसकी मौत होने की सूचना दी गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब तक चिकित्सक स्वयं सामने आकर मौत का कारण स्पष्ट नहीं करते, वे शव लेकर नहीं जाएंगे।
हंगामे की सूचना पर मेडिकल थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह, नौचंदी थाना प्रभारी अनूप कुमार सिंह और सिविल लाइन थाना प्रभारी सौरभ कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। करीब दो घंटे तक पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत होती रही। हालांकि, चिकित्सक ने कथित तौर पर अभद्रता की आशंका जताते हुए मौके पर आने से इनकार कर दिया।
वहीं, अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी संजीव रस्तौगी ने परिजनों को बताया कि मरीज के पैनक्रियाज में गंभीर समस्या थी और दोनों गुर्दे भी खराब हो चुके थे। उनके अनुसार, मरीज की गंभीर स्थिति की जानकारी परिजनों को पहले ही दे दी गई थी।
पुलिस ने परिजनों से लिखित शिकायत देने और मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया। हालांकि, परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजन रात करीब एक बजे बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर गांव लौट गए।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही। फिलहाल, परिजनों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।


No comments:
Post a Comment