बीएल एग्रो के एमडी आशीष खंडेलवाल बने ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’
एसवीपीयूएटी में नियुक्ति, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
मेरठ। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ ने बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को उच्च शिक्षा और उद्योग जगत के बीच की दूरी कम करने तथा विशेष रूप से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान और औद्योगिक अनुभव को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बीएल एग्रो के प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल ने कहा, "सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में नियुक्त किया जाना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। मेरा मानना है कि भारतीय कृषि का भविष्य शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी में निहित है, जहां नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान एक-दूसरे के पूरक बनते हैं। इस नई जिम्मेदारी के माध्यम से मैं युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने, उद्योग के वास्तविक अनुभव साझा करने और उन्हें तकनीक आधारित, टिकाऊ एवं नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करूंगा, जो भारत के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होंगे।"
देश की अग्रणी कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण एवं एफएमसीजी कंपनी बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में आशीष खंडेलवाल ने खाद्य तेल, कृषि उत्पाद प्रसंस्करण, गुणवत्ता प्रबंधन, तकनीकी नवाचार तथा वैश्विक बाजार में भारतीय खाद्य उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, आशीष खंडेलवाल का नेतृत्व और औद्योगिक अनुभव अकादमिक-उद्योग सहयोग को और मजबूत बनाने में सहायक होगा। इससे नवाचार, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जगत और उद्योग के बीच इस प्रकार की साझेदारियां भारतीय कृषि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, वैश्विक मानकों के अनुरूप और परिणामोन्मुख बनाने में मदद करेंगी। साथ ही, इससे देश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


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