ई-रिक्शा को मोबाइल से बंद करने के मामले में सरकार का  एक्शन

चाइनिज के प्ले स्टोर से हटाए गए दो ऐप

नई दिल्ली। इन दिनों ऐसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं कि चीनी स्मार्टफोन ऐप BAT-BMS के जरिए ई-रिक्शा को बंद किया जा सकता है। ऐसे में सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसके ध्यान में ऐसे दो ऐप आए थे और उन्हें ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। IT सचिव एस. कृष्णन ने जोर देकर कहा कि ऐप स्टोर को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ इस मामले पर बात करेगी ताकि यह पक्का किया जा सके कि नुकसान पहुंचाने वाले ऐप उपलब्ध न हों।

वहीं इस मामले में कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एस. कृष्णन ने कहा, "यह सही है... कुछ ऐप हैं जो कल हमारे ध्यान में आए और उन दोनों को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है।" वे CII साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान बोल रहे थे। यह मामला गुरुवार को तब चर्चा में आया जब ऐसी खबरें सामने आईं कि कुछ ई-रिक्शा को चीनी स्मार्टफोन ऐप BAT-BMS से जुड़े रिमोट शटडाउन फीचर के जरिए रोक दिया जा रहा था। इन वीडियो ने इंटरनेट से जुड़े ऐसे व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम से साइबर सिक्योरिटी को होने वाले खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

प्ले स्टोर पर कब से हैं ये ऐप?

ई-रिक्शा विवाद शुरू होने के काफी पहले से ही ये ऐप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध थे। इन ऐस को बैटरी की जांच और मैनेजमेंट के लिए बनाया गया था। BAT-BMS शुरू में कोई हैकिंग टूल नहीं था। Shenzhen Grenergy Technology ने इसे Bluetooth-इनेबल्ड लिथियम-आयन बैटरी के लिए एक सही साथी ऐप के तौर पर बनाया था। 

क्यों बनाए गए थे ये ऐप?

BAT-BMS जैसे ऐप को शुरुआत में बैटरी से संबंधित जानकारी जानने के लिए बनाया गया था। इसमें बैटरी का वोल्टेज, तापमान और चार्ज साइकल जैसी काम की चीजें देखा जा सकती हैं। ये ऐप यूजर्स को मेंटेनेंस करने और जरूरत पड़ने पर बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को बंद करने की सुविधा भी देता है।

कैसे काम करते हैं ये ऐप?

BAT-BMS जैसे ऐप से लगभग 10 से 15 मीटर की Bluetooth रेंज में मौजूद कोई भी व्यक्ति बिना किसी सवाल-जवाब के बैटरी से कनेक्ट हो सकता था। हालांकि हालिया घटना में शरारती लोग इसी का फायदा उठाने लगे। वे पास के ई-रिक्शा से कनेक्ट हो जाते थे और सवारी के बीच में ही बैटरी बंद कर देते थे, जिससे ड्राइवर फंस जाते थे और परेशान हो जाते थे।

हालांकि इस तरह की हरकतों से लोगों को चिंता होने लगी, और यह निश्चित रूप से यात्रियों के लिए एक बड़ा जोखिम है। इससे यह भी पता चलता है कि कनेक्टेड गाड़ियां सुरक्षा को कैसे संभालती हैं। इस मामले में सरकार ने कोई समय बर्बाद नहीं किया और MeitY ने तुरंत कार्रवाई की और कहा कि इस तरह के सॉफ़्टवेयर को आम इस्तेमाल के लिए जारी करने से पहले उनकी कड़ी जांच की जाएगी।

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