वेक्टेश्वरा विश्वविद्यालय का जय नारायण व्यास जोधपुर गवर्नमेंट विश्वविद्यालय शैक्षणिक अनुबन्ध
- यदि सही मायने में हमें प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के सपने को साकार करना है, तो हमें जॉब सीकर्स (नौकरियां मांगने वाले नहीं) बल्कि जॉब क्रिएटर (नौकरियां प्रदान करने वाले) लीडर्स तैयार करने होंगे- सुधीर गिरी, संस्थापक अध्यक्ष, वेंक्टेश्वरा समूह
- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति एवं नवाचारों का अद्भुत संगम, लेकिन इसको प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए हमें उच्च शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत शिक्षको को विशेष प्रशिक्षण देना होगा- प्रो0 (डॉ.) राजेश कुमार दुबे, निर्देशक
- श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय का जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के साथ शोध एवं अनुसंधान को लेकर हुआ यह ऐतिहासिक ’’शैक्षणिक अनुबंध’’ आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा- डॉ. राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति
- अनुभवी, शिक्षको, नवाचारों एवं राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय एक्स्पोजर के द्वारा वेंक्टेश्वरा सक्षम एवं प्रभावी युवा लीडर्स की फौज तैयार करेगा, जोकि आने वाले वर्षो में देश व विदेश में हजारों युवाओं के लिए सशक्त एवं स्थाई रोजगार के विकल्पों का निर्माण करेंगे- प्रो. कृष्ण कान्त दवे, कुलपति
मेरठ । आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/ संस्थान का जोधपुर स्थित प्रसिद्ध सरकारी विश्वविद्यालय जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के यू.जी.सी.-मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेन्टर (एम.एम.टी.टी.सी.) संस्थान के साथ उच्च शिक्षा में शोध, संस्कार एवं नवाचार के लिए ऐतिहासिक एकेडमिक समझौता संपन्न हुआ।
इस शैक्षणिक अनुबंध के तहत दोनों संस्थान मिलकर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सबसे पहले उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को नई तकनीक एवं नवाचारों का प्रशिक्षण देखकर यहां पर अध्यनरत स्टूडैन्टस को एक वैश्विक एंटरप्रेन्योर के रूप में तैयार करेंगे। इस समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य श्री वेंक्टेश्वर विश्वविद्यालय (एस.वी.यू.) और यू.जी.सी.-मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेन्टर एम.एम.टी.टी.सी. (एच.आर.डी.सी.), जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के बीच एक अकादमिक सहयोग स्थापित करना है। इसके तहत दोनों संस्थान राष्ट्रीय नीतियों और नियमों का पालन करते हुए शिक्षा, संस्कृति और अनुसंधान (रिसर्च) के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा
।
इसका मुख्य फोकस शिक्षकों के प्रशिक्षण क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को सह-आयोजित करना है, जिससे शिक्षण प्रभावशीलता, पर्यावरण और समाज के प्रति जागरूकता, भारतीय शिक्षा प्रणाली और शिक्षाशास्त्र प्रबंधन कौशल में सुधार किया जा सके।
यह जानकारी आज इस अकादमी समझौते के बाद एक दूसरे के साथ इस समझौता पत्र को एक्सचेंज करते हुए विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कांत दवे एवं जे.एन.वी.विश्वविद्यालय जोधपुर के यू.जी.सी.- मालवीय मिशन टीचर्स ट्रैनिंग सेन्टर (एम.एम.टी.टी.सी.) के विंग के निदेशक विख्यात शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार दुबे ने संयुक्त रूप से दी।
डॉ. सी.वी. रमन सभागार में विश्वविद्यालय एवं जे.एन.वी. विश्वविद्यालय जोधपुर के बीच हुए इस ऐतिहासिक ’’एकेडमिक कोलैबोरेशन’’ के लिए आयोजित Mou सेरेमनी का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरी, जे.एनवी. विश्वविद्यालय के यू.जी.सी. एम.एम.टी.टी.सी. विंग के निदेशक प्रो.राजेश दुवे, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे आदि ने सरस्वती माँ के प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके एवं प्रो. राजेश दुबे को बुके व स्मृति चिन्ह भेंट कर शुभारंभ किया।
इस अनुबंध में’’शैक्षणिक अनुबंध के तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं अन्य राष्ट्रीय कार्यशालाओं व नवाचारों के द्वारा उच्च शिक्षा में कार्यरत संस्थान के शिक्षकों को प्रशिक्षित करके शत-प्रतिशत नई शिक्षा नीति को प्रभावित तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा, ताकि हम भविष्य में देश के लिए नहीं पूरी दुनिया के लिए जॉब क्रिएटिंग लीडर्स (नौकरी देने वाले लीडर्स) तैयार कर सकें। इस शैक्षणिक समझौते के तहत हाइब्रिड मोड में विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन, रिसर्च एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की प्रक्रिया एवं फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के द्वारा शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार करने एवं अध्यनरत छात्रों पर उसको प्रभावी रूप से लागू कर देश के लिए नए लीडर्स तैयार करने की योजना है। हम यहां पर प्रशिक्षित अपने स्टूडैन्टस को उद्यमिता के गुण सिखाएंगे ताकि वह खुद अपने पैरों पर खड़े होकर दूसरों के लिए भी सम्मानित स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में कार्य कर विकसित भारत निर्माण में अपना प्रभावी योगदान दे सके।
इस अवसर पर आई.क्यू.ए.सी. निदेशक डॉ.नीतू पंवार, डॉ. सुमन कश्यप, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ.मोहित शर्मा, डॉ. अरूण गोस्वामी, डॉ. रीना जोशी, मेरठ परिसर से निदेशक डॉ. पंकज सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।




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