अमेरिका ने 60 देशों पर लगाया नया टैरिफ, भारत पर भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क
ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत कार्रवाई, जबरन मजदूरी से जुड़े उत्पादों पर जताई चिंता
वॉशिंगटन, 24 जुलाई। अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत लिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात को रोकने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, जिन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए, उनके खिलाफ यह निर्णय लिया गया है।
यह घोषणा उस 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की अवधि समाप्त होने से ठीक पहले की गई है, जिसे ट्रंप प्रशासन ने पहले सभी देशों पर लागू किया था। इससे पहले अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए "रिसिप्रोकल टैरिफ" को अवैध करार दिया था, जिसके बाद नई टैरिफ व्यवस्था लागू की गई।
भारत ने इस कदम पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। भारत का कहना है कि इस प्रकार के व्यापारिक मुद्दों का समाधान दोनों देशों के बीच जारी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के माध्यम से किया जाना चाहिए।
वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत और अमेरिका के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 141 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 87.3 अरब अमेरिकी डॉलर का था। अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार तथा भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों के कुछ उत्पादों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया।
- कार्रवाई ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत की गई।
- अमेरिकी प्रशासन ने जबरन मजदूरी और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को बताया कारण।
- भारत ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से समाधान की बात कही।
- वर्ष 2025 में भारत-अमेरिका के बीच 141 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार दर्ज किया गया।


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