443 साल पहले समुद्र में डूबा था खजाने से भरा जहाज

 21 साल की तलाश के बाद शख्स ने ढूंढ़ निकाला अनमोल खजाना

लंदन। कहते हैं कि धैर्य और लगन का फल एक न एक दिन जरूर मिलता है। ब्रिटेन के वेल्स में रहने वाले 69 वर्षीय पीटर ह्यूजेस ने इस कहावत को सच साबित कर दिया। उन्होंने लगातार 21 वर्षों तक समुद्र तट पर मेटल डिटेक्टर की मदद से खोजबीन जारी रखी और आखिरकार उन्हें 443 साल पहले समुद्र में डूबे एक ऐतिहासिक जहाज का खजाना मिल गया। इस खोज ने इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीटर ह्यूजेस वर्षों तक वेल्स के मारगम बीच पर रोजाना घंटों खोज करते रहे। कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। आखिरकार समुद्री तूफानों के बाद जब तट की रेत हटने लगी तो उन्हें सोने-चांदी के दुर्लभ सिक्के और कई ऐतिहासिक वस्तुएं मिलनी शुरू हुईं।

पहली बार मिला सोने का सिक्का तो रह गए दंग

पीटर ह्यूजेस ने बताया कि जब उन्हें पहली बार सोने का सिक्का मिला, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनके हाथ इतनी बड़ी ऐतिहासिक धरोहर लगी है। रेत हटाकर जैसे ही उन्होंने सिक्के को साफ किया, वह धूप में चमक उठा। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई धार्मिक प्रतीक वाला टोकन है, लेकिन दूसरी ओर पुर्तगाल का शाही प्रतीक देखकर उन्हें एहसास हुआ कि यह बेहद दुर्लभ और मूल्यवान स्वर्ण सिक्का है।

उनके मुताबिक, वह पल उनकी जिंदगी का सबसे रोमांचक अनुभव था, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।

1583 में समुद्र में समा गया था जहाज

विशेषज्ञों के अनुसार, यह खजाना वर्ष 1583 में डूबे 'एन फ्रांसिस' (Anne Francis) नामक जहाज से जुड़ा हुआ है। यह जहाज अनाज लेकर स्पेन गया था और वापसी में भुगतान के रूप में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के सिक्के तथा अन्य कीमती सामान लेकर लौट रहा था।

28 दिसंबर 1583 को भीषण समुद्री तूफान में जहाज वेल्स के तट के पास डूब गया और उसके साथ सारा खजाना समुद्र की गहराइयों में समा गया। इतिहासकारों का अनुमान है कि अब तक उस जहाज में मौजूद कुल खजाने का केवल लगभग एक-चौथाई हिस्सा ही खोजा जा सका है, जबकि शेष सामग्री अब भी समुद्र के भीतर दबी हो सकती है।

खजाने में क्या-क्या मिला?

पीटर ह्यूजेस की खोज में अब तक करीब 870 सोने और चांदी के सिक्के बरामद हुए हैं। इनमें स्पेन के राजा फर्डिनेंड और रानी इसाबेला के शासनकाल के दुर्लभ सिक्के शामिल हैं। इसके अलावा पुर्तगाल का प्रसिद्ध 'साओ विसेंटे' स्वर्ण सिक्का भी मिला, जिसे 1555 से 1557 के बीच ढाला गया था।

सिर्फ सिक्के ही नहीं, जहाज से जुड़े कई ऐतिहासिक सामान भी मिले हैं। इनमें पीतल का एक रहस्यमय कॉम्बिनेशन लॉक, नाविक की सीटी, खाना बनाने और खाने के बर्तन तथा जहाज में इस्तेमाल होने वाली कई अन्य वस्तुएं शामिल हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मिले हुए पीतल के ताले का कोड आज तक नहीं खोला जा सका है। माना जाता है कि यह ताला किसी ऐसे संदूक का था, जिसमें बहुमूल्य सिक्के या महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे जाते होंगे।

निजी संपत्ति नहीं, जनता की धरोहर

इतनी बड़ी ऐतिहासिक खोज के बाद पीटर ह्यूजेस ने सभी वस्तुएं अपने पास रखने के बजाय वेल्स के राष्ट्रीय संग्रहालय अमगुएद्दफा कम्री (Museum Wales) को सौंप दीं। उनका कहना है कि यह खजाना किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज और वेल्स की सांस्कृतिक विरासत है।

पीटर के अनुसार, जब वे इस पूरे संग्रह को देखते हैं तो उन्हें हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन' की याद आ जाती है, क्योंकि यह किसी फिल्मी खजाने से कम नहीं लगता।

अब संग्रहालय में देख सकेंगे लोग

इतिहास प्रेमियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है कि यह पूरा संग्रह अब स्वानसी स्थित नेशनल वॉटरफ्रंट म्यूजियम में पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा गया है। संग्रहालय के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सोने-चांदी के सिक्कों का संग्रह नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से 16वीं सदी के समुद्री व्यापार, जहाजी जीवन, व्यापारियों, नाविकों, समुद्री लुटेरों और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियों को भी समझा जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज समुद्री इतिहास और पुरातत्व के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

अब खोज करना है गैरकानूनी

जिस समुद्री तट पर यह ऐतिहासिक खजाना मिला है, उसे अब संरक्षित पुरातात्विक स्थल घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने वहां बिना अनुमति मेटल डिटेक्टर से खोजबीन पर पूरी तरह रोक लगा दी है, ताकि समुद्र के भीतर मौजूद अन्य ऐतिहासिक अवशेष सुरक्षित रह सकें।

भविष्य में यदि इस क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से खुदाई की जाती है, तो इतिहास से जुड़े और भी महत्वपूर्ण रहस्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

खजाना मिलने पर क्या है कानून?

ब्रिटेन के वेल्स में यदि किसी व्यक्ति को ऐसी वस्तु मिलती है जिसे कानूनी रूप से 'ट्रेजर' माना जा सकता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी या फाइंड्स लायजन ऑफिसर को इसकी सूचना देना अनिवार्य होता है। इसके बाद विशेषज्ञ तय करते हैं कि वह वस्तु ट्रेजर एक्ट 1996 के तहत खजाना मानी जाएगी या नहीं।

यदि कोई व्यक्ति ऐसी वस्तु मिलने के बाद इसकी जानकारी छिपाता है या कानून का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकता है और तीन महीने तक की जेल की सजा भी हो सकती है।

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