44 सील भूखंडों में से 28 की सील खुली, 15 दिन में तोड़ना होगा अवैध निर्माण

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद की कार्रवाई, समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया तो परिषद करेगी ध्वस्तीकरण

मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद ने सील किए गए 44 भूखंडों में से सोमवार को 28 की सील खोल दी। अब इन भूखंडों पर किए गए अवैध निर्माण को संबंधित भूखंड स्वामियों को नोटिस में निर्धारित 15 दिन की अवधि के भीतर स्वयं हटाना होगा। तय समय सीमा में अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया तो आवास विकास परिषद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी। ध्वस्तीकरण में होने वाला खर्च संबंधित भूखंड स्वामियों से वसूला जाएगा।

आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों और भूखंड स्वामियों की मौजूदगी में 28 सील भूखंडों को खोला। सील खुलने के बाद भूखंड स्वामियों को मौके पर चस्पा किए गए नोटिस के अनुसार निर्धारित अवधि में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि आवास विकास परिषद ने 660 भूखंडों से जुड़े प्रकरण में 661/6 पर पिछले वर्ष ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इसके बाद 659 भूखंडों में से 44 को सील किया गया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान फटकार के बाद आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने 44 भूखंडों का आनन-फानन में सर्वे कराया और शनिवार को संबंधित भूखंडों पर नोटिस चस्पा किए थे।

मंगलवार को लखनऊ से सलाहकार, प्रमुख सचिव और आवास आयुक्त के मेरठ आने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इससे पहले ही सोमवार को आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने 28 भूखंडों की सील खोल दी। अब इन भूखंडों के स्वामियों को नोटिस में दी गई 15 दिन की अवधि के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाना होगा।

अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित अवधि में यदि अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो आवास विकास परिषद द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान होने वाले खर्च की वसूली संबंधित भूखंड स्वामी से की जाएगी।

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