केरल में मंत्री पद दिलाने के नाम पर ₹3 करोड़ की ठगी का प्रयास, दो आरोपी गिरफ्तार

कोझिकोड/नई दिल्ली। केरल में मंत्री पद दिलाने के नाम पर ₹3 करोड़ की मांग कर सांसदों और विधायकों से ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। मामले में साइबर पुलिस ने दिल्ली के गाजीपुर क्षेत्र से दो आरोपियों—नितिन और गौरव—को गिरफ्तार किया है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर कोझिकोड लाया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव का प्रतिनिधि बताकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे थे। वे कथित तौर पर दावा कर रहे थे कि केरल में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में ₹3 करोड़ के बदले मंत्री पद दिलाया जा सकता है।

यह कार्रवाई एलाथुर की विधायक के. विद्या बालकृष्णन की शिकायत के बाद की गई। विधायक ने बताया कि छह जुलाई को उन्हें व्हाट्सऐप कॉल कर मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया गया। बातचीत के दौरान संदेह होने पर उन्होंने संबंधित सांसद और प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह के कॉल कांग्रेस सांसद शफी परंबिल और डीन कुरियाकोस को भी किए गए थे। वहीं, प्रियंका गांधी के निजी सचिव डी.एस. राजकुमार ने भी उनके नाम और कार्यालय के दुरुपयोग की शिकायत पुलिस से की, जिसके आधार पर एक अलग एफआईआर दर्ज की गई।

कोझिकोड शहर के पुलिस आयुक्त ए.पी. शौक्कथली ने बताया कि साइबर टीम ने मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की। जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी गौरव पहले भी अन्य राज्यों में इसी तरह के मामलों में शामिल रहा है और महाराष्ट्र के नासिक में जेल जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी शिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष हैं। इनमें से एक ने स्वयं को कानून का स्नातक बताया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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