एमपी वेस्ट जोन इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एक वरिष्ठ वित्त अधिकारी के घर से मिली आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति
मध्य प्रदेश लोकायुक्त की 9 ठिकानों पर छापेमारी
इंदौर, 21 जुलाई। मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मध्य प्रदेश वेस्ट जोन इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एक वरिष्ठ वित्त अधिकारी के खिलाफ मंगलवार को इंदौर, धार और मुरैना में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में लगभग 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिलने का दावा किया गया है।
लोकायुक्त के अनुसार, अधिकारी और उनके परिवार से जुड़े आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा औद्योगिक इकाइयों में मंगलवार सुबह से तलाशी अभियान चलाया गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, संबंधित अधिकारी करीब 33 वर्षों से सरकारी सेवा में हैं। इस अवधि में उन्हें वेतन के रूप में लगभग दो करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि अब तक की जांच में उनके और परिवार के नाम पर 6.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का पता चला है। सेवा अवधि के दौरान हुए खर्चों को जोड़ने पर कुल संपत्ति और व्यय का अनुमान 7.16 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है, जो ज्ञात आय की तुलना में लगभग 258 प्रतिशत अधिक है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में डीएसपी सुनील टलन, आनंद चौहान, दिनेश पटेल और दीपक शेजवार सहित विभिन्न टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों, निवेश और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच की गई।
तलाशी के दौरान इंदौर के सिलिकॉन सिटी क्षेत्र में लगभग 1.2 करोड़ रुपये मूल्य का तीन मंजिला मकान तथा मुरैना में करीब 50 लाख रुपये का दो मंजिला मकान मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पिथमपुर और धार में परिवार के सदस्यों के नाम पर ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाइयों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों से जुड़े कारोबार का भी पता चला है। जांच के दौरान औद्योगिक प्लॉट, फैक्ट्री परिसर, कार्यालय, आवासीय प्लॉट तथा एक इलेक्ट्रिक कार से संबंधित दस्तावेज भी खंगाले गए।
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान जारी है। दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का आकलन और बढ़ सकता है।


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